nightmares’ का साया: अमेरिका में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया का बढ़ता खतरा
कोरोना महामारी के बाद से ही दुनिया भर में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (AMR) की चर्चा काफ़ी तेज़ हो गई है। हाल ही में अमेरिका में भी इस मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई, जिसके नतीजे भविष्य के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं। यह डरावनी तस्वीर संयुक्त राज्य अमेरिका की रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) और राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी की एक हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। फिलहाल, अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक एक ऐसे जीवाणु समूह से हड़कंप मचे हुए हैं, जिसे ‘नाइटमेयर बैक्टीरिया’ कहा जा रहा है। ये ऐसे सूक्ष्मजीव हैं जिनके खिलाफ मौजूदा एंटीबायोटिक्स लगभग बेअसर साबित हो रहे हैं। ये तेज़ी से फैलने के साथ-साथ अपने रूप को भी आसानी से बदल सकते हैं।
‘नाइटमेयर बैक्टीरिया’ – एक भयावह हकीकत
सीडीसी के अनुसार, इन जीवाणुओं को ‘नाइटमेयर बैक्टीरिया’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि ये तीन गुना अधिक खतरा पैदा करते हैं। इन पर न केवल एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता, बल्कि इनकी मृत्यु दर भी काफ़ी अधिक है। चिंता की बात यह है कि ये अन्य जीवाणुओं, जैसे एस्चेरिचिया कोलाई (ई. कोलाई) में भी प्रतिरोधक क्षमता फैलाने की क्षमता रखते हैं, जिससे ई. कोलाई भी एंटीबायोटिक उपचार के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है।
तीन गुना घातक: तीन गुना तेज़ी से फैलता है ये खतरा
अमेरिका में इन दिनों कई नए बैक्टीरिया पाए गए हैं, जिनके इलाज में एंटीबायोटिक्स बेअसर साबित हो रहे हैं। इनमें नीग्रोबैक्टीरिया, नीग्रोबैक्टीरियम, विब्रियो वल्नीफिकस और ग्रुप ए स्ट्रेप्टोकोकस जैसे जीवाणु शामिल हैं। ये जीवाणु हर साल अमेरिका में गंभीर संक्रमण का कारण बनते हैं, खासकर गर्मियों या तूफानों के बाद पानी में इनकी सक्रियता बढ़ जाती है। ये बैक्टीरिया तीन गुना तेज़ी से फैलकर लोगों को अपना शिकार बना सकते हैं। कुछ आंतों के बैक्टीरिया अनिद्रा से भी जुड़े हो सकते हैं, जबकि हानिकारक सैल्मोनेला बैक्टीरिया दूषित भोजन से फैल सकते हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इन जीवाणुओं की वृद्धि का मुख्य कारण एनडीएम जीन (न्यू डेल्ही मेटालो-β-लैक्टामेज) वाले दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया हैं। पहले एनडीएम जीन वाले बैक्टीरिया को विदेशी माना जाता था और ये कुछ ही मरीजों, ज़्यादातर अमेरिका के बाहर, से जुड़े थे। लेकिन अब ये धीरे-धीरे अमेरिका के आम लोगों में भी फैल रहे हैं।
हालांकि, अच्छी खबर यह है कि स्वास्थ्य सेवा पेशेवर, चिकित्सक, सीडीसी के स्वास्थ्य सेवा प्रमुख और स्वास्थ्य विभाग इस खतरे को लेकर काफ़ी सतर्क हैं और हर कोई अलर्ट पर है। इसी सतर्कता के चलते इन बैक्टीरिया के प्रसार को रोकने और इनसे लड़ने के लिए प्रभावी उपचार खोजने के प्रयास जारी हैं।
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