बहुभाषी सुरों के महारथी: जुबिन गर्ग का संगीत सफर
40 से अधिक भाषाओं और बोलियों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरने वाले जुबिन गर्ग, सिर्फ एक गायक ही नहीं, बल्कि एक बहुआयामी कलाकार हैं – संगीतकार, फिल्म निर्देशक और अभिनेता। 2006 में फिल्म ‘गैंगस्टर’ के प्रतिष्ठित गीत ‘या अली’ ने उन्हें राष्ट्रीय फलक पर स्थापित किया और ग्लोबल इंडियन फिल्म अवार्ड्स (जीआईएफए) में ‘सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक’ के खिताब से नवाज़ा गया।
महज तीन वर्ष की आयु से संगीत की दुनिया में कदम रखने वाले जुबिन, अनगिनत पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने। उनकी सुमधुर आवाज़ में असमिया की लोक धुनों से लेकर शास्त्रीय संगीत की गहराई तक, हर शैली जीवंत हो उठती है। वेस्टर्न धुनों पर भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी, और उनकी अनूठी गायन शैली आज भी कई गायकों के लिए अनुकरणीय है।
जुबिन गर्ग ने अपने पेशेवर संगीत करियर का आगाज़ अपने पहले असमिया एल्बम ‘अनामिका’ के साथ किया, जो नवंबर 1992 में रिलीज़ हुआ और आज भी श्रोताओं के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। 1993 में ‘ऋतु’ एल्बम में उनके पहले रिकॉर्ड किए गए गीत सुने गए। उनके कई अन्य संगीत एल्बमों को भी अपार लोकप्रियता मिली है, जो उनकी संगीत की व्यापक पहुंच और स्वीकृति को दर्शाते हैं।
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