राहुल गांधी का तीखा वार: मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण पर ‘वोट चोरी’ का संगीन आरोप!
नर्मदापुरम: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, राहुल गांधी ने रविवार को एक बार फिर चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘वोट चोरी’ पर पर्दा डालने और उसे संस्थागत बनाने का एक सोची-समझी साजिश करार दिया। मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शिरकत करने पहुंचे गांधी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए यह तीखा आरोप लगाया।
‘वोट चोरी’ की आशंका, एसआईआर पर उठते सवाल:
राहुल गांधी ने कहा, “वोट चोरी एक गंभीर मुद्दा है, और एसआईआर का उद्देश्य इसी चोरी को छिपाना और इसे व्यवस्था का हिस्सा बनाना है।” उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में हाल ही में हुए चुनावों में उन्होंने स्वयं ‘वोट चोरी’ के पुख्ता सबूत देखे हैं, जहां हर आठ में से एक वोट, यानी करीब 25 लाख वोट कथित तौर पर गायब कर दिए गए।
MP, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी ‘वोट चोरी’ का अंदेशा:
हरियाणा के घटनाक्रम से सबक लेते हुए, राहुल गांधी का मानना है कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इसी तरह की ‘वोट चोरी’ हुई है। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत का परिणाम बताया।
सबूतों के पिटारे का धीरे-धीरे खुलासा:
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया कि उनके पास ऐसे और भी कई सबूत हैं, जिन्हें वे समय-समय पर सार्वजनिक करेंगे। उनका मुख्य जोर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर है, और उनका मानना है कि एसआईआर इस गंभीर समस्या पर पर्दा डालने का एक जरिया मात्र है।
लोकतंत्र और संविधान पर ‘हमलावर’ रवैया:
पत्रकारों द्वारा भविष्य में इस तरह के खुलासे करने के सवाल पर, गांधी ने आत्मविश्वास से कहा, “हमारे पास बहुत सारी अलग-अलग सूचनाएं, बहुत विस्तृत जानकारी है और हम इसे जारी करेंगे।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मिलकर “लोकतंत्र पर हमला” करने और “आंबेडकर के संविधान” को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, इस कृत्य से “भारत माता का नुकसान हो रहा है” और देश को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


