दिवाली 2025: 5 दिनों का उत्सव, जानें कब है धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज
नई दिल्ली: दीपों का पर्व दिवाली, जो धनतेरस से शुरू होकर भाईदूज पर समाप्त होता है, हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह पांच दिवसीय उत्सव पूरे देश में बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
दिवाली 2025 का पूरा कैलेंडर:
- 18 अक्टूबर, शुक्रवार: धनतेरस
- 19 अक्टूबर, शनिवार: छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)
- 20 अक्टूबर, रविवार: दिवाली और लक्ष्मी पूजा
- 22 अक्टूबर, मंगलवार: गोवर्धन पूजा
- 23 अक्टूबर, बुधवार: भाई दूज
पहला दिन: धनतेरस 2025 (Dhanteras 2025 Date)
इस वर्ष धनतेरस का पावन पर्व 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। यह सोना, चांदी और नए घरेलू सामान खरीदने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:39 बजे से रात 08:25 बजे तक रहेगा।
दूसरा दिन: छोटी दिवाली 2025 (Choti Diwali 2025 Date)
छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान कृष्ण की राक्षस नरकासुर पर विजय का प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन से अंधकार व नकारात्मकता को दूर करने का उत्सव है। इस वर्ष यह पावन दिन 19 अक्टूबर 2025, शनिवार को पड़ेगा।
तीसरा दिन: दिवाली 2025 (Badi Diwali 2025 Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, 2025 में दिवाली का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह वह शुभ दिन है जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। इस दिन लोग अपने घरों को दीयों और रंगोली से सजाते हैं, और शाम को धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा।
चौथा दिन: गोवर्धन पूजा 2025 (Govardhan Puja 2025 Date)
दिवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के प्रकोप से बृजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला की याद दिलाती है। इस वर्ष यह पर्व 22 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा।
- शुभ मुहूर्त: सुबह 06:26 बजे से 08:42 बजे तक, तथा दोपहर 03:29 बजे से शाम 05:44 बजे तक।
पांचवां दिन: भाई दूज 2025 (Bhai Dooj 2025 Date)
पांच दिनों के दिवाली उत्सव का समापन भाई दूज के पर्व से होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं।
- शुभ मुहूर्त: दोपहर 01:13 बजे से 03:28 बजे तक।
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