दिवाली 2025: रंगोली के रंगों से सजाएं घर, वास्तु के अनुसार जानें शुभ-अशुभ स्थान!
नई दिल्ली: रोशनी का पावन पर्व दिवाली, जिसे खुशियों और समृद्धि का त्योहार भी कहा जाता है, हमारे घरों में उजाला और सकारात्मकता लेकर आता है। इस उत्सव का एक अभिन्न अंग है रंगोली, जो न केवल घर की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि मान्यता है कि यह घर में सौभाग्य और सुख-समृद्धि का भी संचार करती है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि रंगोली बनाने की कुछ खास जगहें आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं? जी हां, वास्तुशास्त्र के अनुसार, रंगोली की गलत जगह आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती है और नकारात्मक प्रभाव भी ला सकती है। इसलिए, इस दिवाली, अपने घर को सजाते समय रंगोली के लिए सही स्थान और दिशा का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि आपके घर में हमेशा खुशहाली और शांति बनी रहे।
कहां न बनाएं रंगोली?
- कमरों के भीतर: रंगोली को कमरे के अंदर बनाने से उसकी चमक और शुभता पूरे घर में नहीं फैल पाती, और वह आसानी से छिप जाती है।
- शयनकक्ष (बेडरूम): शयनकक्ष विश्राम और शांति का स्थान होता है। यहां रंगोली बनाना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता।
- बाथरूम के नज़दीक: बाथरूम या शौचालय के पास बनाई गई रंगोली जल्द खराब हो जाती है, जिससे उसका शुभ प्रभाव कम हो जाता है।
- भीड़-भाड़ वाले रास्ते: जहां लोगों का आवागमन अधिक हो, वहां रंगोली जल्दी मिट जाती है, जिससे सजावट और शुभता दोनों पर असर पड़ता है।
- मुख्य द्वार के भीतरी कोने: मुख्य द्वार पर रंगोली का विशेष महत्व है, लेकिन इसके भीतरी कोनों में इसे बनाना शुभ नहीं माना जाता।
वास्तु के अनुसार सावधानियां
वास्तुशास्त्र के अनुसार, गलत स्थान पर या गलत तरीके से बनाई गई रंगोली नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित कर सकती है, जिसका सीधा असर परिवार की खुशहाली और सौभाग्य पर पड़ सकता है।
रंगोली के लिए उत्तम स्थान
रंगोली बनाने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान मुख्य प्रवेश द्वार या आंगन का खुला कोना है। ये स्थान न केवल आसानी से दिखाई देते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को भी बढ़ाते हैं।
रंगोली क्यों बनाई जाती है?
रंगोली घर में खुशी, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का प्रतीक है। यह त्योहारों की रौनक बढ़ाती है और वातावरण को जीवंत बनाती है।
रंगोली बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें:
- मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते समय उसकी दिशा का विशेष ध्यान रखें।
- किसी भी देवी-देवता की स्पष्ट आकृति बनाने से बचें।
- सही स्थान और सही तरीके का चुनाव करके आप अपने घर में सुख-शांति और सौभाग्य को आमंत्रित कर सकते हैं।
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