कालभैरव महिमा: आज ही करें पाठ, पाएं अद्भुत कृपा!

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Kaal Bhairav Chalisa in Hindi:आज जरूर पढे़ं काल भैरव चालीसा , जानें महत्व और लाभ | Kaal Bhairav Chalisa in Hindi: Lyrics Meaning, Chanting, Importance and Benefits

काल भैरव चालीसा: सुख-सौभाग्य, सिद्धि-बुद्धि और ज्ञान-विवेक की प्राप्ति का महामंत्र

काल भैरव चालीसा का पाठ करने से न केवल सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है, बल्कि काल भैरव की कृपा से सिद्धि-बुद्धि, धन-बल और ज्ञान-विवेक की भी प्राप्ति होती है। यह चालीसा भक्तों को हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाकर तेजस्वी बनाता है।

दोहा

श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ।
चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ॥
श्री भैरव संकट हरन मंगल करण कृपाल।
श्याम वर्ण विकराल वपु लोचन लाल विशाल॥

चालीसा

जय जय श्री काली के लाला।
जयति जयति काशी-कुतवाला॥
जयति बटुक-भैरव भय हारी।
जयति काल-भैरव बलकारी॥
जयति नाथ-भैरव विख्याता।
जयति सर्व-भैरव सुखदाता॥
भैरव रूप कियो शिव धारण।
भव के भार उतारण कारण॥
भैरव रव सुनि हवै भय दूरी।
बटुक नाथ हो काल गंभीर॥
श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा॥
करत नीनहूं रूप प्रकाशा।
भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा॥
रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन।
व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन॥
तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं।
विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं॥
जय प्रभु संहारक सुनन्द जय।
जय उन्नत हर उमा नन्द जय॥
भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय।
वैजनाथ श्री जगतनाथ जय॥
महा भीम भीषण शरीर जय।
रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय॥
अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय।
स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय॥
निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय।
गहत अनाथन नाथ हाथ जय॥
त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय।
क्रोध वत्स अम İşte नन्द जय॥
श्री वामन नकुलेश चण्ड जय।
कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय॥
रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर।
चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर॥
करि मद पान शम्भु गुणगावत।
चौंसठ योगिन संग नचावत॥
करत कृपा जन पर बहु ढंगा।
काशी कोतवाल अड़बंगा॥
देयं काल भैरव जब सोटा।
नसै पाप मोटा से मोटा॥
जनकर निर्मल होय शरीरा।
मिटै सकल संकट भव पीरा॥
श्री भैरव भूतों के राजा।
बाधा हरत करत शुभ काजा॥
ऐलादी के दुख निवारयो।
सदा कृपाकरि काज सम्हारयो॥
सुंदर दास सहित अनुरागा।
श्री दुर्वासा निकट प्रयागा॥
श्री भैरव जी की जय लेख्यो।
सकल कामना पूरण देख्यो॥

दोहा

जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट टार।
कृपा दास पर कीजिए शंकर के अवतार॥

काल भैरव चालीसा का महत्व

काल भैरव के प्रभाव से इंसान धनवान बनता है और जीवन में तरक्की करता है। वह हर तरह के सुख का भागीदार बनता है और उसे कष्ट नहीं होता। काल भैरव की कृपा मात्र से ही मनुष्य सारी तकलीफ़ों से दूर हो जाता है और तेजस्वी बनता है।


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