ज्योतिष: 30 नवंबर 2025 का पंचांग – शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्रों का विश्लेषण
लेखक: पी. चक्रपाणि उपाध्याय
प्रकाशन तिथि: रविवार, 30 नवंबर 2025, 05:31 [IST]
30 नवंबर 2025 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की दशमी तिथि, शुक्ल पक्ष, विक्रम संवत 2082 (कलियुग) के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। हालांकि, किसी विशेष त्योहार का उल्लेख नहीं है, फिर भी यह दिन भारतीय कैलेंडर में अपना विशेष स्थान रखता है। पंचांग उन लोगों के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करता है जो पारंपरिक प्रथाओं का पालन करते हैं और शुभ कार्यों की योजना बनाते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय 🌅🌙
- सूर्योदय: 06:26 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:07 अपराह्न
- चंद्रोदय: 01:26 अपराह्न
- चंद्रास्त: 02:09 पूर्वाह्न, 01 दिसंबर
पंचांग विवरण 📅
- तिथि: दशमी रात्रि 09:29 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी
- नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद प्रातः 01:11 बजे तक, 01 दिसंबर को रेवती
- योग: वज्र प्रातः 07:12 बजे तक, सिद्धि प्रातः 04:22 बजे तक, 01 दिसंबर को व्यतिपात
- करण: तैतिला सुबह 10:27 बजे तक, गरजा रात 09:29 बजे तक, वनिजा
- कार्य दिवस: रविवार
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
चंद्र डेटा और युग की जानकारी 🌕🌍
- विक्रम संवत: 2082 (कलायुक्त संवत्सर)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- गुजराती संवत: 2082 (पिंगला)
- चंद्र मास: मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत एवं अमंता)
राशि और नक्षत्र जानकारी ♈🌌
- चंद्र राशि: मीन
- सूर्य राशि: वृश्चिक
- सूर्य नक्षत्र: अनुराधा
ऋतुएँ और आकाशीय पथ 🍃☀️
- द्रिक ऋतु: हेमंत (शीतकालीन पूर्व)
- वैदिक अनुष्ठान: हेमंत (शीतकालीन पूर्व)
- द्रिक अयाना: दक्षिणायन
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
- दिनामाना: 10 घंटे 41 मिनट 29 सेकंड
- रात्रिमान: 13 घंटे 19 मिनट 13 सेकंड
शुभ क्षण 😇
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:39 पूर्वाह्न से 05:33 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: 05:06 पूर्वाह्न से 06:26 पूर्वाह्न तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:25 से दोपहर 12:08 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 01:34 अपराह्न से 02:16 अपराह्न तक
- गोधूलि मुहूर्त: 05:05 अपराह्न से 05:32 अपराह्न तक
- सयाहना संध्या: 05:07 अपराह्न से 06:27 अपराह्न तक
- अमृत कलाम: 08:37 PM से 10:08 PM तक
- निशिता मुहूर्त: 11:20 PM से 12:14 AM, 01 दिसंबर
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:26 पूर्वाह्न से 01:11 पूर्वाह्न, 01 दिसंबर
- रवि योग: 06:26 पूर्वाह्न से 01:11 पूर्वाह्न, 01 दिसंबर
अशुभ अंतराल 😈
- राहु कालम्: 03:47 अपराह्न से 05:07 अपराह्न तक
- यामागांडा: सुबह 11:47 से दोपहर 01:07 बजे तक
- गुलिकाई कलम: 02:27 अपराह्न से 03:47 अपराह्न तक
- दुर मुहूर्तम: 03:42 अपराह्न से 04:25 अपराह्न तक
- वर्ज्यम: सुबह 11:30 से दोपहर 1:01 बजे तक
- पंचक: पूरे दिन
- गंदा मूला: 01:11 पूर्वाह्न, 01 दिसंबर से 06:27 पूर्वाह्न, 01 दिसंबर
- बाना राजा: सुबह 10:12 बजे तक
स्थान और ग्रहों का प्रभाव 🧭
- अग्निवास: पृथ्वी (Earth) रात्रि 09:29 बजे तक
- चंद्र वासा: उत्तर
- राहु वास: उत्तर
- शिववास: सभा में रात्रि 09:29 बजे तक
कैलेंडर और युग मेट्रिक्स 📅
- कलियुग: 5126 वर्ष
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 17 नवंबर, 2025 ई.
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: मार्गशीर्ष 09, 1947 शक
- राष्ट्रीय निरयण तिथि: मार्गशीर्ष 16, 1947 शक
शुभ ग्रह संरेखण ✨
- वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन राशि के लिए अगले दिन सूर्योदय तक अच्छा चंद्रबलम।
- सिंह राशि और मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के लिए अष्टम चंद्र प्रथम पाद में जन्मे।
- विभिन्न नक्षत्रों के लिए 01 दिसंबर, 01:11 बजे तक शुभ ताराबलम।
पंचक और लग्न अंतर्दृष्टि 🌠
दिन भर के लिए शुभ मुहूर्त और विभिन्न प्रकार के पंचक के अनुसार समय सारणी दी गई है, साथ ही उदय लग्न मुहूर्त का भी विस्तृत विवरण उपलब्ध है।
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दर्शाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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