ज्योतिष: आज का पंचांग – 31 अक्टूबर 2025
पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?
सूर्योदय और चंद्रोदय 🌅🌙
- सूर्योदय: 06:05 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:18 अपराह्न
- चंद्रोदय: 01:48 अपराह्न
- चंद्रास्त: 01:23 पूर्वाह्न, 01 नवंबर
कैलेंडर 🙏
- तिथि: नवमी सुबह 10:03 बजे तक, दशमी
- नक्षत्र: धनिष्ठा शाम 06:51 बजे तक, शतभिषा
- योग: सुबह 06:16 बजे तक गंदा, वृद्धि प्रातः 04:32 बजे तक, 01 नवंबर, ध्रुव
- करण: कौलव प्रातः 10:03 बजे तक, तैतिला रात्रि 09:43 बजे तक, गैरेज
- काम करने के दिन: शुक्रवार
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर 📅
- विक्रम संवत: 2082 कलायुक्त
- संवत्सर: कालायुक्त 03:07 अपराह्न, 25 अप्रैल 2025 तक
- शक संवत: 1947 विश्वावसु सिद्धार्थी
- गुजराती संवत: 2082 पिंगला
- चंद्रमास: कार्तिक – पूर्णिमांत, कार्तिक – अमंता
- दाएँ/गेट: 15
राशि और नक्षत्र ✨
- राशि: मकर सुबह 06:48 बजे तक, कुम्भ
- नक्षत्र पद: धनिष्ठा प्रातः 06:48 बजे तक, धनिष्ठा दोपहर 12:51 बजे तक, धनिष्ठा शाम 06:51 बजे तक, शतभिषा, 01 नवंबर प्रातः 12:48 बजे तक
- सूर्य राशि: तुला
- सूर्य नक्षत्र: स्वाति
- सूर्य पद: स्वाति शतभिषा
ऋतु और अयाना 🍃
- द्रिक ऋतु: हेमंत (शीतकालीन पूर्व)
- दिनामाना: 11 घंटे 12 मिनट 38 सेकंड
- वैदिक ऋतु: शरद (शरद ऋतु)
- रात्रिमान: 12 घंटे 47 मिनट 58 सेकंड
- ड्रिक अयाना: दक्षिणायन
- मध्याह्न: 11:41 पूर्वाह्न
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
शुभ समय 🌟
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:23 पूर्वाह्न से 05:14 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: 04:48 पूर्वाह्न से 06:05 पूर्वाह्न तक
- अभिजीत: सुबह 11:19 से दोपहर 12:04 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 01:33 अपराह्न से 02:18 अपराह्न तक
- गोधूलि मुहूर्त: 05:18 अपराह्न से 05:43 अपराह्न तक
- सयाहना संध्या: 05:18 अपराह्न से 06:34 अपराह्न तक
- अमृत कलाम: 08:19 पूर्वाह्न से 09:56 पूर्वाह्न तक
- निशिता मुहूर्त: 11:16 PM से 12:07 AM, 01 नवंबर
- रवि योग: पूरे दिन
अशुभ समय ⛔
- राहु कालम्: सुबह 10:17 से 11:41 बजे तक
- यामागांडा: दोपहर 2:30 से 3:54 बजे तक
- गुलिकाई कलम: 07:29 पूर्वाह्न से 08:53 पूर्वाह्न तक
- विदाल योग: सुबह 6:05 से शाम 6:51 बजे तक
- वर्ज्यम: 01:54 पूर्वाह्न, 01 नवंबर से 03:28 पूर्वाह्न, 01 नवंबर
- दुर मुहूर्तम्: 08:20 पूर्वाह्न से 09:04 पूर्वाह्न तक, दोपहर 12:04 से 12:49 बजे तक
- बाना: राजा 03:09 अपराह्न तक
- पंचक: 06:48 पूर्वाह्न से 06:06 पूर्वाह्न, 01 नवंबर
निवास और शूल 🚩
- होमाहुति: शुक्र सायं 06:51 बजे तक, शॉनी
- दिशा स्कूल: पश्चिम
- अग्निवास: पृथ्वी (Earth) सुबह 10:03 बजे तक, आकाश (स्वर्ग)
- चंद्र वासा: दक्षिण में सुबह 06:48 बजे तक, पश्चिम में सुबह 06:48 बजे से पूरी रात तक
- शिववास: गौरी के साथ सुबह 10:03 बजे तक, सभा में
- राहु वास: दक्षिण-पूर्व, कुंभ चक्र: दक्षिण से शाम 06:51 बजे तक, पश्चिम
अन्य कैलेंडर और युग 🌏
- कलियुग: 5126 वर्ष
- लाहिड़ी अयनांशा: 24.224662
- काली अहरगना: 1872514 दिन
- राटा डाई: 739555
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 18 अक्टूबर, 2025 ई.
- जूलियन डे: 2460979.5 दिन
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: कार्तिक 09, 1947 शक
- संशोधित जूलियन दिवस: 60979 दिन
- राष्ट्रीय निरयण तिथि: कार्तिक 16, 1947 शक
चंद्रबलम और ताराबलम 💪
- सुबह 06:48 बजे तक शुभ चंद्रबलम: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीना
- मिथुन राशि के जातकों के लिए अष्टम चंद्र
- मृगशिरा के लिए अष्टम चंद्र अंतिम 2 पद, आर्द्रा और पुनर्वसु के पहले 3 पद
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्र बल: मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ
- कर्क राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र
- पुनर्वसु के लिए अष्टम चंद्र अंतिम पाद, पुष्य और आश्लेषा का जन्म होता है
- शाम 06:51 बजे तक शुभ मुहूर्त: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ कामनाएँ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न ⏱️
- पंचक रहित मुहूर्त:
- शुभ मुहूर्त – सुबह 06:05 से 07:23 बजे तक
- मृत्यु पंचक – प्रातः 07:23 बजे से प्रातः 09:40 बजे तक
- अग्नि पंचक – सुबह 9:40 से 10:03 बजे तक
- शुभ मुहूर्त – सुबह 10:03 से 11:45 बजे तक
- राज पंचक – सुबह 11:45 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक
- शुभ मुहूर्त – दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
- चोर पंचक – दोपहर 03:00 बजे से शाम 04:29 बजे तक
- राज पंचक – शाम 04:29 बजे से शाम 06:07 बजे तक
- शुभ मुहूर्त – शाम 06:07 से शाम 06:51 तक
- चोरा पंचक – शाम 06:51 बजे से रात 08:04 बजे तक
- शुभ मुहूर्त – रात्रि 8:04 बजे से रात्रि 10:18 बजे तक
- रोग पंचक – रात्रि 10:18 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक, 01 नवंबर
- शुभ मुहूर्त – 1 नवंबर, रात 12:36 से 1 नवंबर, रात 2:50 तक
- मृत्यु पंचक – 02:50 पूर्वाह्न, 01 नवंबर से 05:03 पूर्वाह्न, 01 नवंबर तक
- अग्नि पंचक – 05:03 पूर्वाह्न, 01 नवंबर से 06:06 पूर्वाह्न, 01 नवंबर
- उदय लग्न मुहूर्त:
- तुला – सुबह 5:07 से 7:23 बजे तक
- वृश्चिक – प्रातः 07:23 बजे से प्रातः 09:40 बजे तक
- धनु – सुबह 09:40 से 11:45 बजे तक
- मकर – सुबह 11:45 से दोपहर 01:30 बजे तक
- कुंभ – दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक
- मीना – दोपहर 03:00 बजे से शाम 04:29 बजे तक
- मेष – शाम 04:29 से शाम 06:07 बजे तक
- वृषभ – शाम 06:07 बजे से रात 08:04 बजे तक
- मिथुन – रात्रि 8:04 से 10:18 तक
- कर्क – रात्रि 10:18 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक, 01 नवंबर
- सिंह – 1 नवंबर, 2019 को सुबह 12:36 बजे से 1 नवंबर, 2019 को सुबह 2:50 बजे तक
- कन्या – 02:50 पूर्वाह्न, 01 नवंबर से 05:03 पूर्वाह्न, 01 नवंबर
दिन के त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
- अक्षय नवमी, जगद्धात्री पूजा, सतयुग
- नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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