चेन्नई ओपन में गुरुवार का दिन भारतीय टेनिस प्रेमियों के लिए खट्टे-मीठे अनुभवों से भरा रहा। जहां एक ओर देश की शीर्ष महिला एकल खिलाड़ी वैश्णवी अडकर को रूस की दमदार खिलाड़ी के खिलाफ हार का कड़वा घूंट पीना पड़ा, वहीं दूसरी ओर महिला युगल में भारत की युवा जोड़ी ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए महफिल लूट ली और बड़ा उलटफेर कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटा लिया।
सिंगल्स मुकाबले में 7वीं वरीयता प्राप्त अनास्तासिया जखारोवा ने वैश्णवी को 6-3, 6-0 से मात दी। इस जीत के साथ रूसी खिलाड़ी ने टूर्नामेंट के अंतिम 8 में शान से प्रवेश कर लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही जखारोवा ने कोर्ट पर अपनी आक्रामक छाप छोड़ी। उनके तूफानी फोरहैंड और सटीक बैकहैंड शॉट्स का वैश्णवी के पास कोई तोड़ नहीं था। जखारोवा ने भारतीय खिलाड़ी को मुकाबले की रफ्तार से तालमेल बिठाने का एक पल भी मौका नहीं दिया।
हालांकि, पहले सेट के शुरुआती पलों में वैश्णवी ने शानदार जज्बा दिखाया और कड़ी टक्कर दी। जब वह 1-2 से पीछे थीं, तब उन्होंने जखारोवा की पहली सर्विस पर लगातार दो बेहतरीन बैकहैंड रिटर्न लगाकर मैच में वापसी की सुगबुगाहट पैदा की। इसके बावजूद, रूसी खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में गजब का संयम दिखाया। वैश्णवी की एक अनफोर्सड फोरहैंड गलती का फायदा उठाते हुए जखारोवा ने वह अहम गेम अपने नाम कर लिया।
वैश्णवी के लिए इस मुकाबले में उनकी खुद की गलतियां सबसे बड़ा नासूर साबित हुईं। पूरे मैच के दौरान उन्होंने 32 ऐसी गलतियां कीं, जहां प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने कोई दबाव नहीं बनाया था, जबकि जखारोवा ने ऐसी 19 गलतियां कीं। पहले सेट में जब वैश्णवी 1-4 से पिछड़ रही थीं, तब उनके पास 3 ब्रेक पॉइंट हासिल करने का सुनहरा मौका था, लेकिन वे भुनाने में नाकाम रहीं। एक बेहद आसान बैकहैंड शॉट को नेट में उलझाकर उन्होंने अपने हाथ से मौका गंवा दिया और जखारोवा को खुलकर खेलने की छूट मिल गई।
मैच के छठे गेम के दौरान भारतीय खिलाड़ी को शारीरिक परेशानी से भी जूझना पड़ा और उन्होंने मेडिकल टाइमआउट लिया, जिसके तहत उनकी बाईं जांघ पर पट्टी बांधी गई। जखारोवा जब पहला सेट जीतने के लिए सर्विस कर रही थीं, तब वैश्णवी ने उनकी सर्विस ब्रेक कर हल्की सी उम्मीद जगाई, लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ। दुनिया की 107वें नंबर की खिलाड़ी जखारोवा ने दूसरे सेट में अपने खेल का स्तर और ऊंचा किया। वैश्णवी की धीमी पहली सर्विस का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने ताबड़तोड़ विनर जमाए और दूसरा सेट बिना एक भी गेम गंवाए अपने नाम कर लिया।
दूसरी ओर, टूर्नामेंट की तीसरी वरीयता प्राप्त मग्दा लिनेट ने जापान की मोयुका उचिजिमा को 7-6 (5), 6-0 से शिकस्त देकर अंतिम 8 में अपनी जगह पक्की की। पिछले चार महीनों में लगातार सात बार पहले दौर से बाहर होने का दर्द झेलने वाली लिनेट इस शानदार जीत के साथ आखिरकार अपनी खोई हुई लय हासिल करती नजर आ रही हैं। उन्होंने उचिजिमा की पहली सर्विस पर डीप रिटर्न खेलकर जापानी खिलाड़ी को पूरे समय दबाव में रखा। पहला सेट बेहद संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन दूसरे सेट में लिनेट ने अपनी क्लास दिखाते हुए एकतरफा अंदाज में प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया।
दिन का सबसे रोमांचक पल महिला डबल्स में आया, जहां माया राजेश्वरन रेवती और श्रिवल्ली भामिदिपाटी की भारतीय जोड़ी ने कमाल कर दिखाया। उन्होंने टूर्नामेंट की तीसरी वरीयता प्राप्त अनेता क्लादिवोवा और अनेता लाबौटकोवा की मजबूत जोड़ी को 6-3, 6-2 के अंतर से धूल चटाते हुए एक सनसनीखेज उलटफेर किया। कोर्ट पर दोनों भारतीय खिलाड़ियों का आपसी तालमेल और फौलादी हौसला देखने लायक था, जिसके दम पर उन्होंने यह मुकाबला जीतकर शान से क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
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