हरियाणा के नूंह में बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जाहिद हुसैन से लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के नाम पर कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला है और उसके मोबाइल से डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
फोन कर मांगे गए थे 5 करोड़ रुपये
नूंह पुलिस के मुताबिक जाहिद हुसैन ने 28 सितंबर को थाना सिटी नूंह में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 27 सितंबर की रात उनके मोबाइल फोन पर एक नंबर से कॉल आई थी।
पुलिस के अनुसार, कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताते हुए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर जाहिद हुसैन और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान नूंह पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल की।
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर आकाश यादव उर्फ अंशु के नाम पर पंजीकृत मिले। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया।
WhatsApp और डिजिटल गतिविधियों की जांच
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से जुड़े WhatsApp नंबरों और अन्य डिजिटल गतिविधियों का भी विश्लेषण किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रंगदारी की धमकी देने की पूरी साजिश कैसे तैयार की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने मामले में इस्तेमाल मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के संबंध में पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। उसकी भूमिका की अभी जांच की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने रिमांड के दौरान एक अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
गैंग से कनेक्शन की भी जांच
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने कथित तौर पर गैंग का नाम इस्तेमाल कर यह धमकी अकेले दी थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच एजेंसी आरोपी के मोबाइल, कॉल डिटेल, WhatsApp और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही है। पुलिस संभावित सह-आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
जांच जारी, साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
नूंह पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। खास तौर पर यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि धमकी के पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल थे और लॉरेंस बिश्नोई या रोहित गोदारा गैंग से इसका कोई वास्तविक संबंध था या नहीं।
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