आतिशी ने दिल्ली की महिलाओं के हक पर प्रहार किए जाने का मुद्दा उठाते हुए सुविधाओं में कटौती पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं पहले डीटीसी बसों में सम्मान के साथ मुफ्त सफर करती थीं, उन्हें अब ‘पिंक कार्ड’ पाने के लिए अंतहीन कतारों में पिसना पड़ रहा है। उनके आरोपों की फेहरिस्त यहीं नहीं रुकी; उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने षड्यंत्र के तहत 100 से 150 मोहल्ला क्लीनिकों पर ताले लगवा दिए हैं, जिससे मुफ्त इलाज और दवाओं की उम्मीद में गरीब महिलाएं और आम जनता दर-दर भटकने को मजबूर है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के पाला बदलकर भाजपा में जाने की खबरों पर आतिशी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना को ‘संवैधानिक मर्यादाओं का हनन’ और पूरी तरह ‘गैर-कानूनी’ करार दिया। आतिशी ने स्पष्ट किया कि संविधान की मूल भावना और सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों के रहते ऐसा कोई भी विलय संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दलबदल विरोधी कानून की धज्जियां उड़ाकर उठाया गया यह कदम न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
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