हिमाचल में कुदरत का तांडव: बिलासपुर में बादल फटा, तबाही का मंज़र; कई वाहन दबे, खेत तबाह
शनिवार तड़के हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में कुदरत का कहर बनकर बादल फटा। अपने साथ लाए मलबे के साथ बहते पानी ने कई वाहनों को लील लिया और खेतों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, यह भीषण घटना नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के नम्होल इलाके के गुटराहन गांव में घटित हुई। स्थानीय निवासी कश्मीर सिंह ने बताया कि पानी के प्रचंड बहाव के साथ आया मलबा खेतों में भर गया, जिससे लहलहाती फसलें बर्बाद हो गईं। कई वाहन मलबे की चपेट में आकर दब गए।
VIDEO | A cloudburst struck Himachal Pradesh’s Bilaspur district in the early hours of Saturday, hitting Gutrahan village in the Namhol area of Naina Devi constituency. Several vehicles were buried under debris and farmlands suffered heavy damage.
(Source: Third Party)… pic.twitter.com/zW7fuD7Vhy
— Press Trust of India (@PTI_News) September 13, 2025
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गुटराहन: तबाही का केंद्र
गुटराहन गांव में बादल फटने के उपरांत, जल के प्रचंड वेग के साथ बहता मलबा खेतों और कृषि भूमि पर कहर बनकर टूटा। इस विनाशकारी प्रवाह ने कई वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे मलबे में धंस गए।
राजधानी शिमला में धुंध की चादर: जनजीवन पर असर
इसी दौरान, राजधानी शिमला में शनिवार सुबह घनी धुंध की चादर छाई रही, जिससे दृश्यता घटकर मात्र कुछ मीटर रह गई। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और कार्यालयों को जाने वाले लोगों को वाहनों से आवागमन में खासी असुविधा का सामना करना पड़ा।
आगामी संकट: मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’ और बंद सड़कें
स्थानीय मौसम विभाग ने आगामी शनिवार और रविवार के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी कर संभावित खतरे की चेतावनी दी है। सुरक्षा के मद्देनजर, शुक्रवार शाम को अटारी-लेह मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन), औट-सैंज मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-305) और अमृतसर-भोटा मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-503ए) सहित कुल 503 महत्वपूर्ण सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया।
आपदा का व्यापक प्रभाव: बिजली-पानी की व्यवस्था चरमराई
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य की आधारभूत संरचना को भारी क्षति पहुंचाई है। इसके चलते लगभग 953 बिजली ट्रांसफार्मर और 336 जलापूर्ति योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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