चिराग का भावुक संदेश, एनडीए में बने रहने के संकेत, सीट बंटवारे पर मंथन जारी
बीते बुधवार को, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने ‘एक्स’ पर अपने पिता, दिवंगत रामविलास पासवान को याद करते हुए एक मार्मिक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “पापा कहा करते थे—‘अपराध मत करो, अपराध मत सहो। अगर जीना है तो मरना सीखो, हर कदम पर लड़ना सीखो।’” यह संदेश राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू कर गया है, जहाँ कई इसे चिराग के एनडीए में बने रहने के इरादे के रूप में देख रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार मिश्र ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह दवाब की राजनीति है। वर्तमान परिस्थिति में चिराग एनडीए छोड़ कर कही नहीं जाने वाले हैं, उन्हें पता है कि शायद दूसरे गठबंधन में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिले। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज मजबूत स्थिति में नहीं है।” यह विश्लेषण इस ओर इशारा करता है कि चिराग राजनीतिक रूप से सबसे व्यवहार्य विकल्प एनडीए में ही देख रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव समिति के सदस्य प्रेम रंजन पटेल ने भी इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पार्टी के चुनाव समिति के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान चिराग पासवान के संपर्क में हैं और एक-दो दिन में कोई रास्ता निकल जाएगा।” इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा भी चिराग के साथ गठबंधन को बनाए रखने के लिए प्रयासरत है और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद शर्मा ने पार्टी के बढ़ते वोट शेयर पर जोर देते हुए कहा, “हमारा वोट शेयर अब आठ प्रतिशत से अधिक है। हमारे एनडीए में रहने से गठबंधन की ताकत और बढ़ेगी। सीट बंटवारे पर बातचीत जारी है और हमारे नेता जल्द ही अंतिम निर्णय लेंगे।” शर्मा के बयान से पार्टी का आत्मविश्वास झलकता है और यह भी स्पष्ट है कि सीट बंटवारा ही मुख्य मुद्दा है जिस पर अंतिम निर्णय लिया जाना है।
कुल मिलाकर, चिराग पासवान का भावुक संदेश, राजनीतिक विश्लेषकों की राय और पार्टी नेताओं के बयानों से यह संकेत मिलता है कि वह एनडीए में ही बने रहने की ओर झुकाव रखते हैं, हालांकि सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अपने अंतिम चरण में है।
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