उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि को लेकर CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। जनहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन कर 24 घंटे में मुआवजा देने के साथ जलभराव दूर करने और खराब सड़कों को चलने लायक बनाने पर जोर दिया गया है।
- अतिवृष्टि के बीच CM योगी ने अधिकारियों को उतारा फील्ड में
- 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्देश
- जलभराव को लेकर भी प्रशासन को अलर्ट
- बारिश से खराब सड़कों को तुरंत चलने लायक बनाएं
- त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त
- 4.36 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क की समीक्षा
- सिर्फ पैचवर्क नहीं, जरूरत पर होगा नवीनीकरण
- राहत से सड़क तक, प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी
अतिवृष्टि के बीच CM योगी ने अधिकारियों को उतारा फील्ड में
उत्तर प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश से जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से फील्ड में उतरकर प्रभावित इलाकों का जायजा लेने को कहा है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में रहने और जरूरतमंद लोगों तक हर संभव सहायता समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन कराने को कहा है।
निर्देश के मुताबिक नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद पात्र प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अधिकारियों से कहा गया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की देरी न हो और प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जाए।
जलभराव को लेकर भी प्रशासन को अलर्ट
बारिश के कारण शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी लंबे समय तक जलभराव नहीं रहना चाहिए और आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति देखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और अतिवृष्टि के दौरान नदियों तथा जलाशयों में जाने से बचने की सलाह दी है।
बारिश से खराब सड़कों को तुरंत चलने लायक बनाएं
अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त सड़क अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बारिश से खराब हुई सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के अनुसार सड़कों का नवीनीकरण कराया जाए। उन्होंने मरम्मत के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 681 प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। इनमें गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ के दौरान अधिक इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और बाजारों तक जाने वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य त्योहारों और रोजमर्रा के आवागमन के दौरान लोगों को सड़क संबंधी परेशानी से बचाना है।
4.36 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के 9 विभागों के तहत आने वाले करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़क मार्गों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को कुल 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक 5,751 किलोमीटर मार्गों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी काम की गति बढ़ाने को कहा है।
सिर्फ पैचवर्क नहीं, जरूरत पर होगा नवीनीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क मरम्मत के काम को केवल गड्ढों में पैचवर्क तक सीमित रखने से साफ तौर पर मना किया है। उन्होंने कहा कि जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां उचित नवीनीकरण कराया जाना चाहिए।
सरकार का जोर तत्काल राहत के साथ टिकाऊ सड़क व्यवस्था तैयार करने पर है। यानी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को पहले आवागमन के लायक बनाया जाएगा और बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा।
राहत से सड़क तक, प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी
अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री के निर्देशों का फोकस दो स्तरों पर है—पहला प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत और मुआवजा पहुंचाना और दूसरा बारिश से प्रभावित बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करना।
अब इन निर्देशों के अमल की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों पर है। खास तौर पर 24 घंटे में मुआवजे और प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के लक्ष्य की निगरानी महत्वपूर्ण होगी, ताकि बारिश से प्रभावित लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
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