न्याय के कठघरे में ‘अंडरवियर’ वाला हिस्ट्रीशीटर: वर्चुअल कोर्ट में हाजिरी का अनोखा ढंग
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे हिस्ट्रीशीटर को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिसने न्याय व्यवस्था की गरिमा को शर्मसार कर दिया। आरोपी को वर्चुअल कोर्ट की सुनवाई के दौरान न केवल अंडरगारमेंट्स में देखा गया, बल्कि वह सिगरेट पीता और शराब पीता हुआ भी पाया गया। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद, उसने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बंद नहीं की और कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होता रहा।
अपराध की दुनिया का सफर
गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान मोहम्मद इमरान के रूप में हुई है। उत्तरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजा बंथिया के अनुसार, इमरान ने अपनी स्कूली शिक्षा बीच में ही छोड़ दी थी और कभी एयर कंडीशनर मैकेनिक के तौर पर काम करता था। हालांकि, नशे की लत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। नशे और शराब की अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने चोरी, झपटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों का सहारा लिया।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इमरान पर चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह दयालपुर थाने का एक सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है। सितंबर 2021 में जेल से रिहा होने के बाद भी, उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा।
कोर्ट की शिकायत से खुली कड़ी
यह पूरा मामला 22 सितंबर को तीस हजारी कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अंशुल सिंघल के कोर्ट असिस्टेंट की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि 16 और 17 सितंबर को ‘अकीब अखलाक’ नाम से एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट की कार्यवाही में भाग लिया। इस दौरान वह केवल अंडरगारमेंट्स में था, सिगरेट पी रहा था और शराब का सेवन कर रहा था।
कोर्ट के कर्मचारियों ने उसे कई बार वीडियो कॉल छोड़ने की हिदायत दी, लेकिन उसने बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज किया और स्क्रीन पर बना रहा।
साइबर जांच से गिरफ्तारी तक
शिकायत के बाद, साइबर पुलिस की टीम ने आईपी एड्रेस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण शुरू किया। जांच में पता चला कि आरोपी नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर रहा था और लगातार अपना स्थान बदल रहा था, जिससे उसका सटीक पता लगाना मुश्किल हो रहा था।
इसके बाद, पुलिस ने बाबू नगर और ओल्ड मुस्तफाबाद इलाकों में मैनुअल सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने चमन पार्क में छापा मारकर इमरान को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी और आगे की जांच
गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन, सिम कार्ड और राउटर जब्त कर लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस तरह की हरकतों के पीछे कोई और भी शामिल था।
इस घटना ने वर्चुअल कोर्ट प्रणाली की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर निगरानी को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग न हो सके।
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