मतदाता सूची कार्य का दबाव, बीएलओ की हृदय गति रुकी: परिवार ने अधिकारियों पर लगाया गंभीर आरोप
सवाई माधोपुर: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में संलग्न एक बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) की बुधवार की सुबह हृदय गति रुकने से दुखद मृत्यु हो गई। परिवारजनों ने इस घटना के लिए अधिकारियों द्वारा डाले जा रहे अत्यधिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है, जिसके चलते मृतक बीएलओ, हरिराम उर्फ हरिओम बैरवा (34), पिछले कई दिनों से भारी तनाव में थे।
चौंकाने वाला वाकया:
सेवती खुर्द सरकारी स्कूल में कार्यरत और एसआईआर ड्यूटी पर तैनात तृतीय श्रेणी शिक्षक हरिराम, तहसील कार्यालय से फोन पर बात करने के कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक अचेत हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के अनुसार, तहसीलदार का फोन आने के बाद ही यह घटना घटी।
काम का अत्यधिक बोझ और मानसिक दबाव:
परिजनों का आरोप है कि एसआईआर ड्यूटी को लेकर अधिकारियों द्वारा हरिराम पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था। पिछले छह दिनों से वे लगातार तनाव में जी रहे थे। काम के बोझ तले दबे हरिराम घर पर भी कम समय दे पा रहे थे, जिससे उनके परिजनों का कहना है कि इसी तनाव और थकान ने उनकी जान ली। हरिओम के भाई, आशीष बैरवा ने बताया, “वह बहुत दबाव में काम कर रहे थे। देर रात तक काम करते और सुबह जल्दी उठ जाते थे।”
पिता का दर्द और तहसीलदार का खंडन:
पीड़ित के पिता, बृजमोहन ने पत्रकारों को बताया, “मुझे नहीं पता कि तहसीलदार ने फोन पर क्या कहा, लेकिन पांच मिनट बाद उसे दिल का दौरा पड़ गया।” वहीं, तहसीलदार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने केवल उच्च अधिकारियों के निर्देशों से हरिराम को अवगत कराया था। खंडार थाना प्रभारी (एसएचओ) लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
यह घटना चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के काम के माहौल और उन पर पड़ने वाले मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल उठाती है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


