गुलमर्ग केबल कार रेस्क्यू: 320 जिंदगियां बचाने वाले जांबाजों के साहस को DGP का सलाम, बोले- ‘इन वीरों के साथ खड़ा होना गर्व का पल’

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गुलमर्ग केबल कार रेस्क्यू: 320 जिंदगियां बचाने वाले जांबाजों के साहस को DGP का सलाम, बोले- 'इन वीरों के साथ खड़ा होना गर्व का पल'
गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे 320 लोगों को बचाना थी कठिन चुनौती, बचाव दल के साथ खड़ा होना गर्व का क्षण- DGP

गुलमर्ग के आसमान में 320 जिंदगियों की जंग: डीजीपी नलिन प्रभात ने जांबाज रेस्क्यू टीम को किया सलाम

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने मंगलवार को उन नायकों की पीठ थपथपाई, जिन्होंने गुलमर्ग की ऊंचाइयों पर केबल कार में फंसे 320 लोगों को सुरक्षित निकालकर एक नामुमकिन लगने वाले मिशन को अंजाम दिया। उन्होंने इसे अपने कार्यकाल का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस, SDRF, NDRF और सेना के जवानों को संबोधित करते हुए भावुक डीजीपी ने कहा, “सच कहूं तो, मुझे रत्ती भर भी उम्मीद नहीं थी कि हम आधी रात से पहले इस मिशन को पूरा कर पाएंगे। आप जैसे जांबाजों के साथ खड़े होना मेरे लिए गर्व की बात है।”

डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि गुलमर्ग पुलिस की टीमें सबसे पहले संकट की घड़ी में पहुंचीं, जिसके तुरंत बाद सेना, सशस्त्र पुलिस और राहत बचाव दल (SDRF/NDRF) भी इस मुहिम में कूद पड़े। सभी एजेंसियों के बीच गजब का तालमेल दिखा और पेशेवर अंदाज में काम करते हुए हर एक फंसे हुए पर्यटक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

उन्होंने ऑपरेशन की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि जमीन पर बचाव कार्य करना फिर भी आसान होता है, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ियों के बीच हवा में लटके केबिनों से लोगों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने गर्व से कहा, “जम्मू-कश्मीर को हमेशा सबसे कठिन चुनौतियां मिली हैं और हमने हर बार अपनी काबिलियत को साबित किया है।”

छह घंटे तक चले इस सांस रोक देने वाले अभियान में गुलमर्ग पुलिस स्टेशन, SOG, पर्वतीय बचाव दल (MRT) और अन्य एजेंसियों के अटूट साहस की डीजीपी ने सराहना की। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “हो सकता है कि आप थके हों, भूखे-प्यासे हों, लेकिन आपके चेहरों की खुशी बता रही है कि आज आपने एक महान उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा किया है।”

इस वीरता के सम्मान में डीजीपी ने घोषणा की कि रेस्क्यू टीम के हर सदस्य को ‘डीजी प्रशस्ति पदक’ से नवाजा जाएगा। जिन कर्मियों को यह सम्मान पहले मिल चुका है, उन्हें पदोन्नति जैसे अन्य विशेष पुरस्कारों से पुरस्कृत किया जाएगा।

इस पूरे बचाव अभियान की निगरानी के दौरान डीजीपी के साथ विशेष डीजीपी जावेद मुजतबा गिलानी, कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स अब्दुल गनी मीर, आईजीपी कश्मीर वीके बर्डी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुस्तैद रहे।


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