विक्रम सिंह की मौत पर मणिपुरी समुदाय में आक्रोश, छात्र संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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विक्रम सिंह की मौत पर मणिपुरी समुदाय में आक्रोश, छात्र संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

दिल्ली के किलोकरी में मामूली विवाद ने उस वक्त भयावह रूप ले लिया, जब मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। रात के सन्नाटे में शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

कूड़ा डालने निकले थे विक्रम सिंह

रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे विक्रम सिंह अपने घर से कूड़ा डालने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे आए थे। इसी दौरान नीचे कुछ लड़के शोर कर रहे थे। उन्होंने शोर कम करने को कहा तो बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख सिंह वापस अपने घर की ओर चले गए।

घर तक पीछा कर पहुंचा समूह

आरोप है कि लड़कों ने उनका पीछा किया और घर तक पहुंचकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर विक्रम सिंह का बेटा बाहर आया तो हमलावर वहां से भाग गए। इसके बाद बेटे ने घायल पिता को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक सामान्य रात अचानक परिवार के लिए जिंदगी की सबसे भयावह रात बन गई।

CCTV से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। CCTV फुटेज को अहम सुराग मानते हुए आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू शामिल हैं।

ढाबों पर काम करते हैं आरोपी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं। बताया गया है कि कुछ आरोपी सामान पहुंचाने का काम भी करते हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मणिपुरी समुदाय में आक्रोश

नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने विक्रम सिंह की मौत की निंदा की है। संगठन ने उन्हें सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताया और घटना को हिंसा का संवेदनहीन कृत्य करार दिया। संगठन ने अधिकारियों से तेज, निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए दोषियों की जवाबदेही तय करने की अपील की है।

एक विवाद, एक मौत और कई सवाल

किलोकरी की यह घटना बताती है कि छोटी-सी कहासुनी भी कब हिंसक टकराव में बदल जाए, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अब पुलिस के सामने सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सवाल नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए। एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है और इस घटना ने समाज के सामने फिर वही सवाल रख दिया है—क्या असहमति का जवाब हिंसा बनता जा रहा है?


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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