मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही: गाजियाबाद में 21 बीएलओ पर केस दर्ज, प्रदेश भर में कार्रवाई जारी
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के महत्वपूर्ण कार्यों में कथित लापरवाही के चलते 21 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार मंदर के कड़े निर्देशों के बाद की गई है। उप तहसीलदार आलोक कुमार यादव ने सिहानी गेट थाने में इस बाबत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडेय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एफआईआर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज की गई है। उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि एसआईआर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों को बीएलओ के रूप में नियुक्त किया गया था।
लापरवाही से पुनरीक्षण कार्य बाधित:
दर्ज की गई प्राथमिकी में आरोप है कि बीएलओ अपने निर्धारित मतदान क्षेत्रों में मतदाता सूची के लिए गिनती के फॉर्म वितरित करने और उन्हें वापस एकत्र करने जैसे अपने अनिवार्य कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे। उनकी इस गंभीर लापरवाही के कारण एसआईआर के पूरे कार्य में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। पांडेय ने आगे बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश भर में हो रही कार्रवाई:
यह मामला केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है। कुछ दिन पूर्व ही नोएडा में भी एसआईआर में लापरवाही के आरोप में कई बीएलओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त, बहराइच और गोंडा जैसे जिलों में भी बीएलओ के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की खबरें हैं। कई जिलों में तो लापरवाही बरतने वाले बीएलओ का वेतन रोकने तक के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस बीच, यह भी चर्चा है कि कई स्थानों पर अधिकारियों द्वारा बीएलओ को सीधे कानूनी कार्रवाई की धमकियां भी दी जा रही हैं।
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