ऐपल का सिक्योरिटी बाउंटी प्रोग्राम: हैकर्स के लिए जैकपॉट, 2 मिलियन डॉलर तक के इनाम की घोषणा!
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। एपल ने अपने सिक्योरिटी बाउंटी प्रोग्राम में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ऐलान किया है कि जो भी रिसर्चर उसके सॉफ्टवेयर में जानलेवा बग्स खोजेगा, उसे 2 मिलियन डॉलर (लगभग 16 करोड़ रुपये) तक का मोटा इनाम दिया जाएगा। यह नई नीति नवंबर 2025 से लागू होगी, जो हैकर्स और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच हलचल मचाने वाली है।
क्या है खास? 2 मिलियन डॉलर किस बात के?
ऐपल के अनुसार, सबसे बड़ा इनाम उन रिसर्चरों को मिलेगा जो ऐसे “Exploit Chains” का पता लगाएंगे, जो यूजर की किसी भी हरकत के बिना सीधे डिवाइस को हैक कर सकते हैं। यह एक अभूतपूर्व राशि है जो सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में लगे लोगों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
और भी हैं चौंकाने वाले ऑफर!
यह तो बस शुरुआत है! अगर कोई रिसर्चर बीटा सॉफ्टवेयर में किसी गंभीर बग को पकड़ता है, या वेब ब्राउज़र सफारी और लॉकडाउन मोड को भेदने में कामयाब होता है, तो उसे 5 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) से भी ज्यादा का इनाम मिल सकता है। यह एपल की अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यूजर के एक क्लिक पर भी मोटी कमाई!
जो रिसर्चर यूजर्स के सिर्फ एक क्लिक से होने वाले Exploits का पता लगाएंगे, वे भी मालामाल हो सकते हैं। उन्हें अब 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) तक का इनाम मिलेगा, जो कि पहले के 2,50,000 डॉलर (लगभग 20 लाख रुपये) से बहुत बड़ा उछाल है। इसके अलावा, डिवाइस के करीब रहकर किए जा सकने वाले अटैक्स का पता लगाने पर भी 1 मिलियन डॉलर का इनाम है।
भौतिक पहुंच वाले बग्स पर भी इनाम
भले ही अटैकर को डिवाइस तक भौतिक पहुंच की जरूरत हो, एपल ऐसे बग्स पर भी 50,0000 डॉलर (लगभग 40 लाख रुपये) तक का इनाम दे रहा है। यह दिखाता है कि एपल किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर रहा है।
वेब कोड एग्जीक्यूशन के लिए भी इनाम
इतना ही नहीं, एपल ने ऐसे बग्स को भी अपने इनाम के दायरे में शामिल किया है जो वेब कोड एग्जीक्यूशन के जरिए सिस्टम की “Sandbox” सुरक्षा लेयर को तोड़ते हैं। ऐसे अटैक्स के लिए 300000 डॉलर (लगभग 2.4 करोड़ रुपये) तक का इनाम रखा गया है।
यह अभूतपूर्व कदम एपल की तरफ से सुरक्षा के प्रति उसकी अथक प्रतिबद्धता और हैकर्स को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने की एक बड़ी पहल है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई नीति सुरक्षा परिदृश्य को कैसे प्रभावित करती है!
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


