BIHAR NEWS(Aware media): बिहार एमएलसी चुनाव में तिरहुत स्नातक सीट पर मिली हार के बाद जदयू उम्मीदवार अभिषेक झा ने चुनाव के नतीजों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने करीब 4700 रद्द मतपत्रों का जिक्र करते हुए धांधली की आशंका जताई है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि कहीं एनडीए के अंदर ही उनके खिलाफ कोई चक्रव्यूह तो नहीं तैयार किया गया था।
दरअसल तिरहुत स्नातक क्षेत्र के चुनाव में अभिषेक झा जदयू की तरफ से उम्मीदवार थे। चुनाव में हार मिलने के बाद उन्होंने शुक्रवार को अपने फेसबुक पेज के जरिए मतदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने उन पर भरोसा दिखाते हुए अपना वोट दिया था।
लेकिन अपने संदेश में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक ऐसी बात कही जिसने बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। अभिषेक झा ने 4700 मतपत्रों के रद्द होने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि इन मतपत्रों में उनके नाम के सामने एक के बजाय सही का निशान लगाया गया था और इसी वजह से उन्हें अमान्य कर दिया गया।
अभिषेक झा ने इसी बात को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए आशंका जताई कि कहीं एनडीए के भीतर ही ऐसा चक्रव्यूह तो नहीं रचा गया था जिसमें वह अकेले फंसकर रह गए।
उनकी इस बात के बाद अब गठबंधन के अंदर की राजनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर तब जब एनडीए में भाजपा और जदयू दोनों सहयोगी दल हैं और चुनाव में एक दूसरे का साथ देने की बात करते हैं।
हालांकि अभिषेक झा की ओर से जताई गई यह आशंका है। चुनाव में धांधली या किसी तरह की साजिश की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में 4700 रद्द मतपत्रों को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या स्थिति साफ होती है यह देखना अहम होगा।
फिलहाल तिरहुत स्नातक चुनाव में हार के बाद अभिषेक झा के बयान ने बिहार के सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
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