चंडीगढ़ में IED और हथियार बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों को कथित पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत मिले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपी पाकिस्तान में मौजूद एक कथित खालिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे और पंजाब-चंडीगढ़ में बड़ी वारदात की साजिश पर काम कर रहे थे।
IED बरामदगी के बाद बड़ा खुलासा
चंडीगढ़ के सेक्टर-43 अंतरराज्यीय बस अड्डे के पीछे IED और हथियार मिलने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई गंभीर दावे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्ध पाकिस्तान में मौजूद कथित खालिस्तानी आतंकी सतनाम सत्ता नौशेरा के संपर्क में थे।
प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि तीनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
तरनतारन और अमृतसर से जुड़े आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों आरोपियों में दो तरनतारन और एक अमृतसर का रहने वाला है। उनके कब्जे से करीब पांच किलो जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, पावर सोर्स, तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान मिलने की बात कही गई है।
इसके अलावा हथियार और कारतूस बरामद किए जाने का भी दावा है। इतनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद जांच एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं।
BKI और ISI कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियां अब विस्फोटक और हथियारों के स्रोत के साथ पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की संभावित भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल इन सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
बस अड्डे के पीछे IED क्यों छिपाई?
मामले का सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सेक्टर-43 बस अड्डा कथित टारगेट नहीं था, तो उसके पीछे IED क्यों छिपाई गई थी?
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कहां से लाए गए थे और संभावित निशाना क्या था। जांचकर्ताओं के लिए आरोपियों की पूछताछ इस पहेली को सुलझाने में अहम हो सकती है।
तीन संदिग्ध हिरासत में
चंडीगढ़ पुलिस ने रविवार को बस अड्डे के पीछे एक टिफिन बॉक्स बैग में छिपाई गई संदिग्ध सामग्री बरामद की थी। इसके बाद पंजाब निवासी तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और सेक्टर-36 थाने में FIR दर्ज की गई।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए उनके संपर्कों, फंडिंग और कथित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
पंजाब में पहले भी सामने आईं हिंसक घटनाएं
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब में आपराधिक और गैंग से जुड़ी घटनाएं भी जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में लुधियाना के BRS नगर स्थित एक पिज्जा आउटलेट में फायरिंग की घटना ने भी सनसनी फैलाई थी।
चंडीगढ़ की IED बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक अलग चुनौती खड़ी कर दी है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि बरामद विस्फोटक किस उद्देश्य से जुटाए गए थे और इसके पीछे वास्तव में कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
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