रूस के सेंट पीटर्सबर्ग का आसमान हाल ही में एक ऐसी जादुई रात का गवाह बना, जिसने देखने वालों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। रात के अंधेरे में एक नहीं, बल्कि चार-चार चंद्रमाओं को एक साथ चमकते देख हर कोई मंत्रमुग्ध था। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना है जिसे ‘पैरासेलेनी’ कहा जाता है। रविवार को जैसे ही इस अद्भुत नजारे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, इंटरनेट पर तहलका मच गया। तस्वीरों में असली चांद के दोनों ओर उसके जैसे ही चमकते हुए गोले नजर आ रहे थे, जिससे ऐसा भ्रम पैदा हुआ मानो आसमान में चंद्रमाओं की फौज उतर आई हो।
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## क्या है इस ‘चार चंद्रमाओं’ के पीछे का रहस्य?
इस अनोखी घटना को वैज्ञानिक दुनिया में ‘मून डॉग’ या ‘मॉक मून’ के नाम से जाना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि यह वास्तव में कोई खगोलीय बदलाव नहीं, बल्कि रोशनी का एक जादुई भ्रम (Optical Illusion) है। यह तब होता है जब चंद्रमा की रोशनी ऊँचाई पर तैरते सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में मौजूद बर्फ के बारीक और षट्कोणीय (Hexagonal) क्रिस्टलों से टकराती है। जैसे ही प्रकाश इन क्रिस्टलों से होकर गुजरता है, वह मुड़ जाता है (अपवर्तन), जिससे चंद्रमा के किनारों पर चमकीले धब्बे बन जाते हैं। यही धब्बे हमें कई चंद्रमाओं के होने का अहसास कराते हैं।
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नासा के मुताबिक, ये ‘पैरासेलेना’ आमतौर पर असली चंद्रमा से लगभग 22 डिग्री के कोण पर दिखाई देते हैं। हालांकि ये असली चांद की तुलना में थोड़े धुंधले होते हैं, लेकिन जब चंद्रमा क्षितिज (Horizon) के करीब होता है, तब इन्हें सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है क्योंकि उस समय रोशनी का चकाचौंध कम होता है। इन आभासी चंद्रमाओं की चमक और आकार पूरी तरह से बादलों में मौजूद बर्फ के क्रिस्टलों की स्थिति पर निर्भर करता है। कभी-कभी ये क्रिस्टल गिरते समय डगमगाते हैं, जिससे रोशनी की लंबी लकीरें या ‘प्रकाश स्तंभ’ (Light Pillars) बन जाते हैं, जो इस नजारे को और भी अलौकिक बना देते हैं। स्काईब्ररी के विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ के क्रिस्टल जितने बड़े होंगे, यह नजारा उतना ही भव्य और स्पष्ट दिखाई देगा।
Four moons appear over Russia’s St. Petersburg
The spectacle, known as a paraselene, was created by moonlight bending through ice crystals in the frosty atmosphere pic.twitter.com/J5C5h4uDx8
— RT (@RT_com) February 1, 2026
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