बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार: ब्रिटिश संसद में गूंजी आवाज़, सांसद ने उठाई सुरक्षा की बड़ी मांग!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार: ब्रिटिश संसद में गूंजी आवाज़, सांसद ने उठाई सुरक्षा की बड़ी मांग!
Bangladesh में हिंदुओं की हत्या, मंदिर जल रहे, UK Parliament में सांसद ने कर दी बड़ी मांग

ब्रिटेन की संसद में गूँजी बांग्लादेशी हिंदुओं की चीख: बॉब ब्लैकमैन ने लेबर सरकार से की सख्त कार्रवाई की माँग

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे बर्बर हमलों और राजनीतिक अस्थिरता की गूँज अब ब्रिटिश संसद तक पहुँच गई है। कंजर्वेटिव पार्टी के कद्दावर नेता और सांसद बॉब ब्लैकमैन ने हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए ब्रिटेन की लेबर सरकार को घेरा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर दबाव बनाया जाए, ताकि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और पूरी तरह समावेशी व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें।

ब्रिटिश संसद को संबोधित करते हुए ब्लैकमैन ने आगाह किया कि 12 फरवरी को होने वाले चुनाव लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ‘अवामी लीग’ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में पैर पसारती कट्टरपंथी ताकतों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "सड़कों पर हिंदू पुरुषों की हत्याएं हो रही हैं, उनके घरों और मंदिरों को आग के हवाले किया जा रहा है। अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक भी इसी खौफनाक मंजर का सामना कर रहे हैं।"

इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina के बाद Bangladesh की ‘अग्निपरीक्षा’, क्या सफल होंगे निष्पक्ष चुनाव? Expert ने चेताया

ब्लैकमैन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिस अवामी लीग के पास जनमत सर्वेक्षणों में लगभग 30 प्रतिशत वोट बैंक है, उसे चुनाव से बाहर रखना किसी भी सूरत में न्यायसंगत नहीं है। इसके विपरीत, इस्लामी चरमपंथी देश के संविधान को बदलने के लिए जनमत संग्रह की मांग कर रहे हैं, जो भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। ब्लैकमैन ने ब्रिटिश विदेश सचिव से मांग की कि वह स्पष्ट करें कि बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव और अल्पसंख्यकों की जान-माल की रक्षा के लिए लेबर सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है।

गौरतलब है कि पिछले साल हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, जिसके बाद नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस सेना समर्थित सरकार की कमान संभाल रहे हैं। फिलहाल हसीना भारत में निर्वासन में हैं, जबकि बांग्लादेशी अदालत ने उन्हें "मानवता के खिलाफ अपराधों" के लिए मौत की सजा सुनाई है।

इसे भी पढ़ें: हमले को लेकर भारत का बड़ा धमाका, पाकिस्तान में आया भूचाल!

राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध को लेकर चिंता जताने वालों में बॉब ब्लैकमैन अकेले नहीं हैं; उनके साथ सांसद जिम शैनन, जस अथवाल और क्रिस लॉ ने भी एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी ओर, भारत ने भी वैश्विक मंचों पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और यूनुस प्रशासन से इन हमलों पर तुरंत लगाम लगाने की जरूरत पर बल दिया है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *