लहरों को चीरकर नेत्रा कुमानन ने भारत की झोली में डाला कांस्य पदक!

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लहरों को चीरकर नेत्रा कुमानन ने भारत की झोली में डाला कांस्य पदक!
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एशियन गेम्स: नेत्रा कुमानन की दृढ़ता ने दिलाया पदक, चार कोशिशों के बाद अधूरा सपना हुआ पूरा

भारतीय नौकायन के क्षितिज पर चेन्नई की नेत्रा कुमानन ने एक नई चमक बिखेरी है। शुक्रवार को एशियाई खेलों की महिला डिंगी सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर नेत्रा ने न केवल भारत का मान बढ़ाया, बल्कि अपने चौथे एशियाई खेल अभियान के लंबे इंतजार को भी खत्म किया। 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंकों के साथ तीसरा स्थान सुरक्षित किया। दो बार की इस ओलंपियन ने अपनी योग्यता रेस और फाइनल रेस, दोनों में सात-सात अंक हासिल किए।

इस स्पर्धा में थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने महज 5 अंकों के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग 13 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए नेत्रा ने कहा, “मेरी भावनाएं इस वक्त मिली-जुली हैं। यह मेरे चौथे एशियाई खेल हैं और आखिरकार एक पदक के साथ घर लौटना सुखद एहसास है। हालांकि, मुझसे कुछ गलतियां हुईं जिसके कारण मैंने महत्वपूर्ण अंक गंवाए।”

नौकायन (सेलिंग) की बारीकियों को समझें तो इसमें खिलाड़ी के स्थान के आधार पर अंक तय होते हैं; जो सबसे आगे रहता है उसे सबसे कम अंक मिलते हैं और अंत में सबसे कम अंक वाला ही विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी आखिरी दो रेसों में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया, जहां एक रेस में उन्होंने जीत दर्ज की, तो दूसरी में वह छठे स्थान पर रहीं।

नेत्रा का यह पदक उनके धैर्य की मिसाल है। वह 2014, 2018 और 2022 के एशियाई खेलों का हिस्सा रह चुकी हैं, लेकिन पिछले दो मौकों पर वह बेहद मामूली अंतर से चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। अपनी आखिरी रेसों के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने बताया, “हवा का रुख तेज था और लगातार दिशा बदल रहा था। पहली रेस की शुरुआत में एक बड़ी तकनीकी गलती (टैक) की वजह से मैं मुकाबले से पिछड़ गई थी। मुझे पता था कि वापसी के लिए आखिरी रेस जीतना अनिवार्य है, और मैंने अपना पूरा जोर लगा दिया।”

सेलिंग को मानसिक मजबूती का खेल बताते हुए नेत्रा ने कहा कि यहाँ जीत उसी की होती है जो दबाव में कम गलतियां करता है। उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि उनसे चूक हुई, लेकिन आखिरी रेस की जीत ने उसकी भरपाई कर दी।

दूसरी ओर, पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन पदक के करीब पहुंचकर चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता विष्णु ने अपनी अंतिम दोनों रेसों में दूसरा स्थान पाया, लेकिन क्वालीफिकेशन के 17 अंकों के बोझ ने उनके कुल स्कोर को 21 पर पहुंचा दिया। इस वर्ग का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा (9 अंक), रजत हांगकांग के निकोलस हॉलिडे (11 अंक) और कांस्य मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम (14 अंक) ने जीता।

भारतीय सेलिंग दल के लिए यह एशियाई खेल काफी सफल रहे हैं। इससे पहले गुरुवार को मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल की जोड़ी ने पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, वहीं महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा ने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।


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