ब्रॉड पीक पर बर्फीला तांडव: दिग्गज पर्वतारोही निर्मल पुर्जा समेत 6 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
(शिरीष बी प्रधान)
इस्लामाबाद/काठमांडू, 31 जुलाई: पाकिस्तान की दुर्गम काराकोरम पर्वत शृंखला में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ‘ब्रॉड पीक’ इस वक्त एक भीषण त्रासदी की गवाह बनी हुई है। महान पर्वतारोही निर्मल पुर्जा सहित छह जांबाज पर्वतारोही एक भयानक हिमस्खलन के बाद लापता हैं। हालांकि, कुदरत के कहर और खराब मौसम के बीच शुक्रवार को बचाव दल ने चार शव बरामद करने में सफलता हासिल की है, लेकिन तलाश का सिलसिला अब भी थमा नहीं है।
समुद्र तल से 8,047 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ‘ब्रॉड पीक’ को पर्वतारोहण की दुनिया में सबसे खतरनाक और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) के मुताबिक, तबाही तब शुरू हुई जब बृहस्पतिवार को करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर बर्फीला तूफान उठा। इस तूफान ने 10 सदस्यों वाली उस टीम को अपनी चपेट में ले लिया, जो चोटी फतह करने के अपने अंतिम अभियान पर थी।
एसीपी के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने पुष्टि की कि शुक्रवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान चार शव मिले हैं। इनमें से दो की पहचान ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग के रूप में हुई है। बाकी दो शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया अभी चल रही है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 9 बजे जब यह हादसा हुआ, तब टीम में नेपाल के छह, और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका व चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल थे। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल का विदेश मंत्रालय इस नाजुक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। लापता नेपाली पर्वतारोहियों में निर्मल पुर्जा और पुर बहादुर गुरुंग के अलावा किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा शामिल हैं। वहीं, पाकिस्तान के सोहेल सखी, चीन के वांग झोंग और अमेरिका की मैलोरी गीस का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
नेपाल पर्वतारोहण संघ के महासचिव राज बहादुर लामा ने बताया कि करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक आए हिमस्खलन ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। रेस्क्यू टीमें अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन कड़ाके की ठंड और दृश्यता कम होने के कारण हाथ-पांव फूल रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष आंग छेरिंग शेरपा ने बताया कि हालात इतने बदतर हैं कि हेलिकॉप्टरों का वहां उतरना भी नामुमकिन साबित हो रहा है।
लापता लोगों में सबसे चर्चित नाम निर्मल पुर्जा का है, जो ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेज (SBS) के पूर्व सदस्य और गोरखा सैनिक रहे हैं। पुर्जा ने 2019 में अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ के तहत महज छह महीनों में दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियों को फतह कर इतिहास रच दिया था। म्यागदी में जन्मे और चितवन में पले-बढ़े पुर्जा ने 16 साल तक सेना में सेवा दी है।
इस घटना पर नेपाल के पर्यटन मंत्री खड़क प्रसाद पौडेल ने गहरी चिंता जताते हुए कहा, “हम पाकिस्तान सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। निर्मल पुर्जा ‘निम्स दाई’ और अन्य साथियों से संपर्क टूटना बेहद परेशान करने वाला है। हमारी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं और हम सबकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।”
पाकिस्तान में जून से अगस्त के बीच पर्वतारोहण का सीजन होता है, लेकिन यही वह समय है जब पहाड़ अपना सबसे रौद्र रूप दिखाते हैं। फिलहाल, अल्पाइन क्लब और स्थानीय प्रशासन अपनी पूरी मशीनरी के साथ इस खोज अभियान में जुटे हैं, ताकि बर्फीले रेगिस्तान में फंसे इन हीरों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
