नई दिल्ली: भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय का सूत्रपात हो रहा है, जिसका गवाह बना मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर के साथ गहन द्विपक्षीय वार्ता के उपरांत संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापक आर्थिक व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के रिश्ते अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री स्टारमर के नेतृत्व में भारत और ब्रिटेन के संबंधों ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी वर्ष जुलाई में ब्रिटेन की मेरी यात्रा के दौरान, हमने ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता हमारे आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा देगा।”
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “आज, प्रधानमंत्री स्टारमर के साथ, शिक्षा क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल हमारे साथ आया है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि ब्रिटेन के नौ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अब भारत में अपने परिसर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह युवा पीढ़ी के लिए उत्कृष्ट शैक्षिक अवसरों के द्वार खोलेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूके के व्यावसायिक संबंधों की मजबूती पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, “कल, भारत और ब्रिटेन के बीच व्यावसायिक नेताओं का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। आज, हम इंडिया-यूके सीईओ फोरम और ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल को संबोधित करेंगे। इन महत्वपूर्ण आयोजनों से भारत-यूके सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सुझाव और अनगिनत संभावनाएँ उभर कर सामने आएंगी।”
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