मई 2026 के अंत में (संभावित 26–31 मई) मुकद्दस हज का आगाज़ होने जा रहा है। इस रूहानी सफर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सऊदी अरब ने बेहद कड़े नियम लागू किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह समझना है कि ‘हज वीज़ा’ और ‘उमराह वीज़ा’ में जमीन-आसमान का फर्क है। उमराह या टूरिस्ट वीज़ा पर हज करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि ऐसा करने पर आप पर भारी जुर्माना लग सकता है, आपको डिपोर्ट (देश निकाला) किया जा सकता है और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर पाबंदी भी लग सकती है।
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उमराह वीज़ा 2026: नियमों में बड़ा बदलाव
अगर आप उमराह का इरादा रखते हैं, तो वीज़ा वैधता के नए नियमों को जान लें। अब वीज़ा जारी होने के बाद सऊदी अरब में प्रवेश करने के लिए आपके पास सिर्फ 30 दिन (एक महीना) का समय होगा, जो पहले तीन महीने हुआ करता था। हालांकि, देश में दाखिल होने के बाद आप अपनी इबादत और ठहरने के लिए 90 दिनों की अवधि का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं।
उमराह जायरीन के लिए सख्त डेडलाइन
हज यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए सऊदी सरकार ने उमराह के लिए एक ‘सख्त कट-ऑफ’ शेड्यूल तैयार किया है:
वीज़ा पर पाबंदी: 20 मार्च, 2026 के आसपास उमराह वीज़ा जारी होना बंद हो जाएंगे।
प्रवेश की अंतिम तिथि: उमराह के लिए सऊदी अरब पहुंचने का आखिरी दिन 3 अप्रैल, 2026 तय किया गया है।
अनिवार्य रवानगी: सभी उमराह यात्रियों को हर हाल में 18 अप्रैल, 2026 तक मक्का मुकर्रमा से विदा लेना होगा।
अप्रैल के मध्य के बाद मक्का पूरी तरह ‘हज-ओनली ज़ोन’ में तब्दील हो जाता है। इस दौरान उमराह की अनुमति पूरी तरह बंद रहती है और केवल आधिकारिक हज वीज़ा धारकों को ही पवित्र स्थलों में प्रवेश का हक होता है।
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