शेख हसीना और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों पर गिरफ्तारी वारंट: बांग्लादेश में जबरन गुमशुदगी का मामला गरमाया
बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और सुरक्षा बलों के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह आदेश अवामी लीग के शासनकाल के दौरान हुए कथित जबरन गुमशुदगी के गंभीर आरोपों के चलते आया है, जिसमें इन अधिकारियों की संलिप्तता का दावा किया गया है।
इससे पहले, आईसीटी के अभियोजन पक्ष ने हसीना और उनके सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार, तारिक अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो औपचारिक आरोप पत्र दायर कर दिए थे। इन आरोप पत्रों ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दायर किए गए एक औपचारिक आरोप पत्र में शेख हसीना, तारिक अहमद सिद्दीकी और रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के पूर्व शीर्ष अधिकारियों सहित कुल 15 अन्य व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन पर टास्क फोर्स फॉर इंट्रोगेशन (टीएफआई) सेल के माध्यम से लोगों को जबरन गायब करने और उन्हें यातनाएं देने के पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। यह मामला बांग्लादेश के मानवाधिकार इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
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