वेनेजुएला की गरमाती सियासत: क्या अमेरिकी हमले की दस्तक?
लैटिन अमेरिका में तनाव का माहौल है, और इसका केंद्र हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो। ड्रग्स तस्करी के आरोपों से घिरे मादुरो के खिलाफ अमेरिका अब सीधी कार्रवाई के संकेत दे रहा है। मियामी हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के उन सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना बनाई है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी में हो रहा है। यह कार्रवाई कभी भी शुरू हो सकती है।
अमेरिकी अधिकारी सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाना चाहते, बल्कि “कार्टेल दे लॉस सोलेस” को पूरी तरह से तबाह करना चाहते हैं। अमेरिका का आरोप है कि यह कार्टेल, जिसका जुड़ाव मादुरो शासन से है, नशे का अवैध कारोबार चलाता है और इसके जरिए सरकारी व सैन्य अधिकारी मालामाल हो रहे हैं। मियामी हेराल्ड के सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य कार्टेल के नेटवर्क को तोड़ना और उसके सरगनाओं का सफाया करना है।
बी-1 बॉम्बर्स की उड़ान: अमेरिका का कड़ा संदेश
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने हाल ही में दो B-1 Lancer बमवर्षक विमान वेनेजुएला की सीमा के करीब उड़ाए। इससे कुछ दिन पहले अमेरिकी वायुसेना ने “अटैक डेमोन्स्ट्रेशन” किया था, जो एक प्रकार की चेतावनी थी कि अब अमेरिका सिर्फ देख नहीं रहा, बल्कि कुछ करने वाला है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका अब मादुरो के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में है।
मादुरो का वक्त समाप्त?
नेटवर्क एटीन के अनुसार, मादुरो की मुश्किलें बढ़ रही हैं। जल्द ही उन्हें यह अहसास हो सकता है कि भागने का कोई रास्ता नहीं बचा है। यहां तक कि कुछ जनरल भी उन्हें पकड़कर सौंपने को तैयार हो सकते हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि मादुरो की अपनी सेना और सरकार के भीतर भी दरारें पैदा हो रही हैं।
50 मिलियन डॉलर का भारी भरकम इनाम
अमेरिका ने मादुरो को पकड़वाने के लिए 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया है, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा इनाम बताया जा रहा है। इसके अलावा, उनके करीबी माने जाने वाले आंतरिक मंत्री डायोसदादो काबेलो सहित कई अन्य अधिकारियों पर 25 मिलियन डॉलर तक का इनाम रखा गया है। अमेरिका का दावा है कि काबेलो कार्टेल के जमीनी ऑपरेशनों का संचालन करते हैं और मादुरो के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति हैं।
अमेरिका के आरोप: अंतरराष्ट्रीय गैंग्स से गठजोड़
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो केवल “कार्टेल दे लॉस सोलेस” का ही संचालन नहीं कर रहे, बल्कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय गैंग्स से भी हाथ मिलाया है। इनमें वेनेजुएला का ट्रेन दे अरागुआ, मेक्सिको का सिनालोआ कार्टेल और अन्य आपराधिक नेटवर्क शामिल हैं। इन गैंग्स पर ड्रग्स तस्करी, हथियारों की आपूर्ति और अवैध धन के लेनदेन में संलिप्त होने का आरोप है, जिसे अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है।
CIA की गुप्त कार्रवाई और जमीनी हमलों की तैयारी
ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला में गुप्त ऑपरेशन चलाने की अनुमति दे दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो अमेरिकी जमीनी सेना भी ड्रग्स कार्टेल के ठिकानों पर हमला करेगी। रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में वेनेजुएला के तट के पास अपनी मौजूदगी बढ़ाई है, जो यह दर्शाता है कि संभावित हमला केवल हवाई नहीं रहेगा।
हालांकि, हाल के हफ्तों में कैरेबियन और प्रशांत सागर में अमेरिका की कार्रवाई के दौरान 62 कथित ड्रग्स तस्करों के मारे जाने की खबर है। लेकिन कई लैटिन अमेरिकी देशों ने दावा किया है कि ये निर्दोष मछुआरे थे जिन्हें अमेरिकी बलों ने गलती से मार दिया। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अमेरिका ड्रग्स के नाम पर अत्यधिक बल प्रयोग कर रहा है?
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