ट्रम्प का कड़ा रुख: अमेरिका में ‘रिवर्स माइग्रेशन’ का ऐलान, राष्ट्रीय सुरक्षा पर उठाया सवाल
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आव्रजन (Immigration) को लेकर एक कठोर प्रस्ताव की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश में व्यवस्था बहाल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दुनिया के देशों से आने वाले प्रवासियों की आमद पर स्थायी रोक लगाई जाएगी और ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ट्रम्प ने इस कदम का कारण बताते हुए कहा कि मौजूदा आव्रजन नीतियां, तकनीकी प्रगति के बावजूद, देश को कमजोर कर रही हैं। उनका दावा है कि अमेरिका को अपनी खोई हुई शक्ति वापस पाने के लिए “समय की आवश्यकता” है। उन्होंने विशेष रूप से लाखों “बिडेन अवैध प्रवेशों” का उल्लेख किया, जिन्हें उनके अनुसार राष्ट्रपति जो बिडेन के कार्यकाल में “ऑटो-पायलट” पर अनुमोदित किया गया था। ट्रम्प ने ऐसे सभी लोगों को बाहर निकालने का वचन दिया है, जिन्हें वे “संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए शुद्ध संपत्ति नहीं या हमारे देश से प्यार करने में असमर्थ” मानते हैं।
वाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना से गरमाया माहौल, ट्रम्प ने घोषित किया ‘आतंकी घटना’
यह घोषणा तब आई जब वाइट हाउस के बेहद करीब, लगभग 500 मीटर की दूरी पर, एक गोलीबारी की घटना हुई। इस घटना में एक अफगान शरणार्थी, रहमानुल्लाह लकनवाल (29), ने नेशनल गार्ड्स के दो जवानों, एंड्रयू वुल्फ (24) और साराह बेकस्ट्रॉम (20) को निशाना बनाया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
ट्रम्प ने तुरंत इस घटना को “आतंकी घटना (Act of Terror)” घोषित कर दिया। उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान के नरक से पनपे आतंक के लिए अमेरिका कोई जगह नहीं है।” इस घटना के बाद, उन्होंने अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थियों के अमेरिका में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है।
सुरक्षा कड़ी, जांच तेज: अमेरिका अब ‘अवैध प्रवासियों’ पर शिकंजा कसेगा
इस घटना के मद्देनजर, वाइट हाउस की सुरक्षा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी गई है। अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने बताया कि 500 नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है, जिससे कुल गार्ड्स की संख्या 3000 तक पहुँच गई है। एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने अफगान शरणार्थियों के शिविरों में जांच शुरू करने की पुष्टि की है। ICE (Immigration) एजेंट्स की विशेष टीमें भी 10 राज्यों में रवाना कर दी गई हैं ताकि अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने की कार्रवाई तेज की जा सके।
यह पहली बार नहीं है कि वाइट हाउस के पास ऐसी सुरक्षा चिंता वाली घटना हुई है; 1975 में भी यहां बम हमला हुआ था।
आरोपी अफगान मूल का, सीआईए से भी जुड़ाव का दावा
आरोपी रहमानुल्लाह, अफगानिस्तान के कंधार का रहने वाला है। खबरों के अनुसार, उसने 10 साल अफगान सेना में बिताए और अमेरिकी सेना की अफगानिस्तान में तैनाती के दौरान वह सीआईए की ‘जीरो यूनिट’ का हिस्सा था। 2021 में उसे अमेरिका में शरण मिली थी। वह वर्तमान में वाशिंगटन के बैलिनघम शहर में अपने परिवार के साथ रह रहा था। अमेरिका ने 2021 में अफगानिस्तान से लौटने के बाद “ऑपरेशन अलाइज वेलकम” के तहत लगभग 76 हजार अफगान नागरिकों को शरण दी थी।
बगराम एयरबेस पर ट्रम्प की नजर, अफगानिस्तान में ‘री-एंट्री’ की मंशा?
इस घटना को ‘एक्ट ऑफ टेरर’ करार देकर, ट्रम्प अफगानिस्तान में अमेरिका की ‘री-एंट्री’ की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन की अफगानिस्तान से सेना हटाने की नीति पर कड़ी आलोचना की है। इसके साथ ही, ट्रम्प की नजर अफगानिस्तान में स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बगराम एयरबेस पर भी है। अमेरिका ने ही इस एयरबेस को विकसित किया था और ट्रम्प इसे तालिबान से वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तालिबान ने फिलहाल इसे मानने से इनकार कर दिया है।
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