शेयर बाजार में भारी गिरावट: विदेशी पूंजी की निकासी और वीज़ा चिंताओं का असर
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी रहा। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी एच-1बी वीज़ा से जुड़ी चिंताओं और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख ने भी घरेलू शेयर बाजारों पर मंदी का दबाव बढ़ाया।
सेंसेक्स और निफ्टी में फिसलन
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 329.66 अंक की गिरावट के साथ 80,830.02 अंक पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 105.7 अंक फिसलकर 24,785.15 अंक पर दर्ज किया गया।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, सन फार्मा के शेयर में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी ओर, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा मोटर्स, आईटीसी और ट्रेंट के शेयरों ने लाभ दर्ज किया।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई और हांगकांग का हैंगसेंग प्रमुख रहे। अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतें और एफआईआई की बिकवाली
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 69.54 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को भारी बिकवाली की और शुद्ध रूप से 4,995.42 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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