जीएसटी में महा-सुधार: निर्मला सीतारमण का दावा, अर्थव्यवस्था में आएंगे ₹2 लाख करोड़!
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हाल ही में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग दो लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रवाह होगा। इससे देश के सभी क्षेत्रों में मांग को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यहां एक खास कार्यक्रम में बोलते हुए, सीतारमण ने “नई पीढ़ी के जीएसटी सुधारों” की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य कर की दरों को कम करना, करदाताओं के लिए अनुपालन को सरल बनाना और जीएसटी से जुड़ी अस्पष्टताओं को दूर करना है। वित्त मंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन सुधारों का सीधा लाभ पश्चिम बंगाल के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों, किसानों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और विभिन्न उद्योगों को मिलेगा।
जीएसटी परिषद की हालिया बैठक में लिए गए क्रांतिकारी फैसलों का जिक्र करते हुए, सीतारमण ने कहा, “दरों में कटौती का जीएसटी परिषद का यह निर्णय इसलिए संभव हो पाया क्योंकि सभी राज्यों ने सहयोग की भावना से मिलकर काम किया। जीएसटी में कोई ‘देने-लेने’ वाला मॉडल नहीं है। अगर राजस्व में कमी आती है, तो केंद्र भी उतना ही नुकसान वहन करता है।”
आपको बता दें कि महीने की शुरुआत में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया था। अब तक चार स्लैब में बंटे जीएसटी कर की दरों को घटाकर सिर्फ दो स्लैब में लाया गया है। अब मुख्य रूप से 5% और 18% की दर से ही कर लगेगा। हालांकि, विलासिता और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले कुछ विशेष उत्पादों पर 40% की एक अलग दर लागू रहेगी।
यह महत्वपूर्ण बदलाव 22 सितंबर से प्रभावी होगा, जो कि नवरात्रि के पावन पर्व के पहले दिन से शुरू हो रहा है। यह कदम न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी राहत प्रदान करेगा।
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