जियो के नाम पर टैक्सी? अदालत ने लगाई रोक!

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जियो के नाम पर टैक्सी? अदालत ने लगाई रोक!
अदालत ने टैक्सी सेवा कंपनी को आरआईएल के ‘जियो’ ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से रोका

‘जियो’ के टैक्सी सफर पर हाई कोर्ट का ब्रेक, आरआईएल के ट्रेडमार्क का अनधिकृत उपयोग रोकी गई

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के प्रतिष्ठित ‘जियो’ ट्रेडमार्क का अब टैक्सी सेवाओं के लिए अनधिकृत उपयोग नहीं किया जा सकेगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक कंपनी को इस प्रसिद्ध ब्रांड नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में, डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटजेआईओसीएबीएसडॉटकॉम डोमेन नाम के तहत चल रही टैक्सी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से ‘जियो’ ट्रेडमार्क के उपयोग से प्रतिबंधित कर दिया है।

प्रथम दृष्टया आरआईएल का मजबूत पक्ष, साख को क्षति का खतरा

न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन की पीठ ने मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि आरआईएल ने अदालत के समक्ष प्रथम दृष्टया एक मजबूत कानूनी पक्ष प्रस्तुत किया है। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अनधिकृत पक्ष द्वारा एक सुप्रसिद्ध डिजिटल और मोबाइल सेवा ब्रांड का निरंतर उपयोग, उस ब्रांड की साख को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है। अदालत के अनुसार, एक प्रसिद्ध और संरक्षित ब्रांड नाम का इस तरह का दुरुपयोग उसके असली मालिक के लिए भारी नुकसान का सबब बनेगा।

पेटेंट मालिक आरआईएल की याचिका पर आया फैसला

यह महत्वपूर्ण आदेश आरआईएल द्वारा दायर की गई एक याचिका पर आया है, जिसमें कंपनी ने ‘जियो’ ब्रांड के पंजीकृत मालिक होने का दावा किया था। ऊर्जा से लेकर दूरसंचार जैसे विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाली आरआईएल ने तर्क दिया कि ‘जियोकैब्स’ चिह्न और उससे संबंधित डोमेन नाम का इस्तेमाल, ट्रेडमार्क उल्लंघन और ‘पासिंग ऑफ’ (यानी किसी प्रसिद्ध ब्रांड की नकल करके अपनी सेवाएं बेचना) के बराबर है।

नए नाम के बावजूद सक्रिय डोमेन, अदालत ने माना अंतरिम आदेश उचित

पीठ ने यह भी स्वीकार किया कि आरआईएल द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद, प्रतिवादी कंपनियों ने नए नामों के तहत अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया था। हालांकि, विवादित डोमेन नाम डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटजेआईओसीएबीएसडॉटकॉम अब भी सक्रिय पाया गया। इस स्थिति को देखते हुए, अदालत ने निषेधाज्ञा (injunction) के माध्यम से अंतरिम आदेश को उचित ठहराया। इस आदेश के तहत, प्रतिवादी पक्ष को ‘जियो’ ट्रेडमार्क, विवादित डोमेन नाम, या रिलायंस के किसी भी ट्रेडमार्क या कॉपीराइट सामग्री के समान या भ्रामक रूप से मिलते-जुलते किसी भी ‘लोगो’, लेबल या कलाकृति का उपयोग करने से पूर्णतः रोका गया है।


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