मोदी के नए श्रम कानून: पीयूष गोयल का दावा, गिग वर्कर्स के लिए भी लाए क्रांति

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"मोदी के नए श्रम कानून: पीयूष गोयल का दावा, गिग वर्कर्स के लिए भी लाए क्रांति"
piyush goyal claims modi new labor laws are revolutionary gig workers will also gets benefits

श्रम सुधारों का नया सवेरा: पीयूष गोयल ने की पीएम मोदी की सराहना, कार्यबल के लिए ‘गेम-चेंजर’ करार

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में लागू किए गए चार श्रम संहिताओं की जमकर तारीफ करते हुए, उन्हें भारतीय कार्यबल के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ बताया है। राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए, गोयल ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये नई श्रम संहिताएँ 29 पुराने और जटिल कानूनों का एक सुव्यवस्थित और संतुलित मिश्रण हैं, जो भारतीय श्रम परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देंगी।

गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि यह क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री मोदी में समाज के हर वर्ग के अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “140 करोड़ भारतीयों को हमारे प्रधानमंत्री पर भरोसा है, और नियोक्ताओं तथा श्रमिक संगठनों, दोनों ने इसका तहे दिल से स्वागत किया है। यह इन चार श्रम संहिताओं में 29 कानूनों का एक संतुलित और सुव्यवस्थित संयोजन है।”

न्यूनतम वेतन से लेकर महिला सशक्तिकरण तक: व्यापक सुधारों पर प्रकाश

मंत्री ने विशेष रूप से न्यूनतम मजदूरी, व्यावसायिक सुरक्षा, गिग श्रमिकों और कार्यबल में महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा में किए गए सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “यह न्यूनतम वेतन, व्यावसायिक सुरक्षा, गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और एक तरह से महिलाओं के लिए कार्यबल में आने के अवसर सुनिश्चित करता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत यह एक क्रांतिकारी कदम है। मुझे विश्वास है कि राज्य इन श्रम संहिताओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए कानूनी ढाँचे तैयार करेंगे।”

ऐतिहासिक घोषणा: 29 कानूनों का एकीकरण

यह उल्लेखनीय निर्णय पिछले शुक्रवार को भारत सरकार द्वारा लिया गया, जब उन्होंने घोषणा की कि चार श्रम संहिताएँ – वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 – तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इन चारों संहिताओं ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को सरल और सुसंगत बना दिया है।

महिला सशक्तीकरण और आर्थिक सुरक्षा का नया अध्याय

यह नई व्यवस्था महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। ये संहिताएँ लैंगिक भेदभाव पर पूर्ण विराम लगाती हैं, समान वेतन का अधिकार सुनिश्चित करती हैं, और महिलाओं के लिए भूमिगत खनन व भारी मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भी काम करने के द्वार खोलती हैं। इसके अलावा, उनकी सुरक्षा और सहमति के अधीन, वे रात्रि पाली में भी काम कर सकेंगी। घर से काम करने जैसे लचीले प्रावधानों को शामिल करने का उद्देश्य कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा देना है। वेतन संहिता, 2019 के तहत, सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा, जो उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगा।


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