वैश्विक चिप विनिर्माण का नया केंद्र बनता भारत: प्रधानमंत्री मोदी ने पेश किया सेमीकंडक्टर क्रांति का रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भारत को वैश्विक चिप विनिर्माण के लिए एक ‘भरोसेमंद गंतव्य’ के रूप में मजबूती से पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपनी अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ रूपरेखाओं के माध्यम से इस उद्योग की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। ‘सेमीकॉन इंडिया 2024’ के भव्य उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का सेमीकंडक्टर परिवेश आज तीव्र गति से विकसित हो रहा है, जो नवाचार, निवेश और आर्थिक वृद्धि के नए द्वार खोल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में दुनिया को चिप विनिर्माण के लिए नए और विश्वसनीय ठिकानों की तलाश है, और भारत इस भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दुनिया का पसंदीदा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने इस प्रगति का विवरण देते हुए बताया कि अब तक चिप विनिर्माण की 12 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दी जा चुकी है और आने वाले समय में इनकी संख्या में और इजाफा होगा। सरकार के विजन को साझा करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का बजट पहले चरण के 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर अब 13.5 अरब डॉलर कर दिया गया है।
निवेशकों को प्रोत्साहित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘चाहे बात नीतियों की हो या नियामकीय ढांचे की, आपकी सफलता के लिए जो भी आवश्यक होगा, सरकार उसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ उन्होंने पहली तिमाही के शानदार जीडीपी आंकड़ों और जापानी रेटिंग एजेंसी जेसीआरए द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये संकेतक वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होती अर्थव्यवस्था का प्रमाण हैं। भारत आज केवल चिप डिजाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह निर्माण, उन्नत पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री और अनुसंधान सहित एक संपूर्ण ‘सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम’ खड़ा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इस रणनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को सशक्त बनाना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करना है। भारत को विश्वास है कि आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण की वैश्विक कोशिशों के बीच वह खुद को चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर लेगा। अरबों डॉलर के सरकारी प्रोत्साहनों के दम पर नई दिल्ली दुनिया भर के दिग्गज विनिर्माताओं को आकर्षित कर रही है। इसके लिए देश की उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग प्रतिभा, विशाल उपभोक्ता बाजार और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर एक ऐसी पूर्ण औद्योगिक व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसमें डिजाइन से लेकर परीक्षण तक सब कुछ शामिल होगा।
इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर, एप्लाइड मैटेरियल्स ने अपने ‘विजन 2035’ के तहत भारतीय सेमीकंडक्टर परिवेश को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने के लिए 5 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है, जो भारत की इस डिजिटल यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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