अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का सकारात्मक असर मंगलवार को भारतीय रुपये पर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की मामूली बढ़त दर्ज करते हुए 90.73 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि, वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की लगातार निकासी ने रुपये की इस रफ्तार पर अंकुश लगाए रखा।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम गिरने से घरेलू मुद्रा को आवश्यक सहारा मिला है। हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में उछाल और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से स्थानीय मुद्रा की बढ़त एक सीमित दायरे में ही सिमट कर रह गई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.72 पर खुला था।
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कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बीच रुपया फिसलकर 90.73 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले महज एक पैसे के सुधार को दर्शाता है। गौरतलब है कि सोमवार को रुपये में 8 पैसे की गिरावट देखी गई थी और यह 90.74 के स्तर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत बढ़कर 97.14 पर पहुंच गया।
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शेयर बाजार की बात करें तो मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सुस्ती रही। सेंसेक्स 245.87 अंक की गिरावट के साथ 83,031.28 पर, जबकि निफ्टी 106.45 अंक टूटकर 25,576.30 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.47 प्रतिशत गिरकर 68.33 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे और उन्होंने कुल 972.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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