मतदान का जोश: कतारों में आम और खास, सुरक्षा चाक-चौबंद
लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुति डालने का जोश वोटिंग शुरू होने से पहले ही परवान चढ़ गया था। कई पोलिंग बूथों पर सुबह सवेरे ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी, और देखते ही देखते लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इस चरण में खास तौर पर महिला मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर थी, और हर पोलिंग बूथ पर सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई थी। कुल मिलाकर, इस चरण के मतदान के लिए लगभग चार लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था, जो व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे। मतदान के लिए 45399 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 5326 शहरी इलाकों में तो 40073 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित थे।
122 सीटों पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर: एनडीए बनाम महागठबंधन का कड़ा मुकाबला
दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया, जहां एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। एनडीए की ओर से 122 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि महागठबंधन ने 127 उम्मीदवार उतारे थे।
एनडीए खेमे में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 53 प्रत्याशी उतारे, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के 44 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 15, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के छह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार प्रत्याशी भी एनडीए की ओर से चुनाव लड़ रहे थे।
वहीं, महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सबसे बड़े दल के तौर पर उभरा, जिसने 71 उम्मीदवार मैदान में उतारे। कांग्रेस के 37 प्रत्याशी, भाकपा माले के 6, भाकपा के 4, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के 8 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक उम्मीदवार भी महागठबंधन की ओर से चुनाव में ताल ठोक रहे थे।
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