ज़ुबिन गर्ग की 70 करोड़ की विरासत: 15 बच्चे, पत्नी और बहन में से कौन होगा असली वारिस?

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
6 Min Read
ज़ुबिन गर्ग की 70 करोड़ की विरासत: 15 बच्चे, पत्नी और बहन में से कौन होगा असली वारिस?
Zubeen Garg Successor: 15 बच्चे, पत्नी और बहन, किसके नाम होगी 70 करोड़ की जायदाद? प्रबल दावेदार कौन? | Zubeen Garg Successor: 70 Crore Property Wife 15 Children Sister Who Will Inherit News Hindi

असम के जगमगाते सितारे, जुबीन गर्ग: 70 करोड़ की विरासत का वारिस कौन?

असम का एक ऐसा नाम, जिसने ‘या अली’ और ‘मायाबिनी’ जैसे गानों से दिलों पर राज किया, वो है जुबीन गर्ग। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान एक दुखद हादसे में वो हमारे बीच से चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए 70 करोड़ की आलीशान संपत्ति और अनमोल यादों की विरासत। अब एक सवाल सबके मन में गूंज रहा है – इस विशाल विरासत का वारिस कौन होगा? क्या उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग, उनके 15 गोद लिए बच्चे, या फिर उनकी बहन पाल्मी बोरठाकुर? क्या जुबीन ने कोई वसीयत छोड़ी थी? आइए, इस अनसुलझी पहेली के हर पहलू को गहराई से समझें, जहां प्यार, शोक और संपत्ति की कशमकश एक साथ सामने आ रही है।

जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार: पत्नी गरिमा का दर्द, क्या वो हैं सबसे मजबूत दावेदार?

23 सितंबर को कमरकुची एनसी गांव में जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ। उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग, पारंपरिक मेखला चादर में, कांच के ताबूत के पास खड़ी, हर किसी की आँखों में आंसू ले आईं। 2002 में जुबीन के साथ विवाह बंधन में बंधी गरिमा, उनकी सबसे खास साथी थीं। एक जानी-मानी फैशन डिजाइनर और गायिका होने के साथ-साथ, गरिमा ने हमेशा जुबीन के करियर और सामाजिक कार्यों में उनका साथ दिया। क्या 70 करोड़ की इस अचल संपत्ति पर उनका सबसे पहला और मजबूत दावा बनता है? भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के अनुसार, यदि कोई वसीयत नहीं है, तो पति या पत्नी को संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा मिलता है। लेकिन क्या जुबीन ने अपनी इच्छाओं को लिखा था? यह प्रश्न अभी भी अनसुलझा है।

जुबीन गर्ग के 15 बच्चे: एक बड़ा दिल, लेकिन क्या मिलेगा हक?

जुबीन और गरिमा के कोई जैविक संतान नहीं थी, लेकिन उनका दिल इतना बड़ा था कि उन्होंने 15 अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को अपना लिया। इनमें से एक थी कजली, जिसे जुबीन ने घरेलू नौकरानी के रूप में दुर्व्यवहार से बचाया था। कई बार तो गरिमा को भी इन बच्चों के बारे में बाद में पता चलता था, क्योंकि जुबीन का गोद लेना दिल की पुकार थी, न कि कोई सोची-समझी योजना। क्या इन बच्चों को उनकी जायदाद में हिस्सा मिलेगा? भारतीय कानून के तहत, गोद लिए बच्चों को भी जैविक बच्चों के समान अधिकार प्राप्त होते हैं, लेकिन इसके लिए कानूनी दस्तावेज का होना आवश्यक है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इन बच्चों का दावा कितना मजबूत है।

जुबीन गर्ग की बहन पाल्मी बोरठाकुर: मुखाग्नि, क्या विरासत भी मिलेगी?

जुबीन के अंतिम संस्कार में उनकी छोटी बहन पाल्मी बोरठाकुर ने मुखाग्नि दी। यह परंपरा परिवार के सबसे करीबी सदस्य द्वारा ही निभाई जाती है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि पाल्मी संपत्ति की भी दावेदार हैं? भारतीय उत्तराधिकार कानून के अनुसार, यदि कोई वसीयत नहीं है और कोई जैविक या गोद लिया बच्चा नहीं माना जाता है, तो पत्नी के बाद माता-पिता और फिर भाई-बहन को हिस्सा मिल सकता है। पाल्मी का परिवार में गहरा भावनात्मक रिश्ता था, लेकिन संपत्ति में उनका दावा कितना मजबूत होगा, यह तो दस्तावेजों पर ही निर्भर करेगा।

जुबीन गर्ग की संपत्ति: 70 करोड़, जोरहाट का घर, लग्जरी गाड़ियां और बाइक्स

जुबीन गर्ग की अनुमानित नेट वर्थ 70 करोड़ रुपये (8 मिलियन USD) बताई जाती है। इसमें जोरहाट का उनका आलीशान घर शामिल है, जो बांस की सजावट और असमिया कला से सुसज्जित था। उनके गैराज में मर्सिडीज-बेंज, रेंज रोवर वेलार, बीएमडब्ल्यू एक्स5, और एक कस्टमाइज़्ड इसुजु एसयूवी जैसी लग्जरी गाड़ियां थीं। इसके अलावा, उनकी हाई-एंड मोटरबाइक्स और गुवाहाटी-जोरहाट की सड़कों पर उनकी सवारी काफी मशहूर थी। जुबीन की कमाई का जरिया 38,000 से ज्यादा गाने, लाइव कॉन्सर्ट, फिल्म प्रोजेक्ट्स और ब्रांड एंडोर्समेंट थे। अब सवाल यह है कि क्या यह सब गरिमा, बच्चों, या परिवार के बीच बंटेगा?

जुबीन गर्ग के प्यारे कुत्ते: दिल के टुकड़े, क्या विरासत का हिस्सा?

जुबीन के चार प्यारे कुत्ते – इको, दीया, रैंबो, और माया – उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा थे। अंतिम संस्कार में इन कुत्तों को ताबूत के पास लाया गया, और यह मंज़र हर किसी को भावुक कर गया। हालांकि कानूनी तौर पर पालतू जानवर संपत्ति के हकदार नहीं हो सकते, लेकिन जुबीन की इच्छा थी कि उनकी देखभाल हो। क्या गरिमा इन कुत्तों की जिम्मेदारी लेंगी, या यह भी विरासत का एक हिस्सा बनेंगे?

जुबीन गर्ग की विरासत का वारिस: एक अनसुलझा सवाल

जुबीन गर्ग की 70 करोड़ की संपत्ति का असली वारिस कौन होगा? गरिमा सैकिया गर्ग, जो उनकी जीवनसाथी और रचनात्मक सहयोगी थीं, कानूनी तौर पर सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। 15 गोद लिए बच्चों का हक़ तभी मजबूत होगा, अगर उनके गोद लेने के दस्तावेज पूरे हों। पाल्मी बोरठाकुर का दावा तभी संभव है, अगर कोई वसीयत उनके पक्ष में हो। 85 वर्षीय पिता, जो अस्वस्थ हैं, शायद दावेदारी में पीछे रहें। बिना वसीयत के, भारतीय कानून गरिमा को प्राथमिकता देगा, लेकिन असम की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, यह सवाल गूंज रहा है – जुबीन की अनमोल विरासत किसके नाम?


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *