प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। यह यात्रा 17 सितंबर से चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसमें युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से जोड़ने के साथ सेवा गतिविधियों में भाग लेने का कार्यक्रम रखा गया है।
अभियान के तहत 10 समूह वडनगर और वाराणसी के बीच बाइक यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में सफाई अभियान, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सामुदायिक स्थानों पर संपर्क जैसी गतिविधियां की जा रही हैं। यात्रा 7 अक्टूबर तक चलने वाली है।
सेवा करके ही सेवा का संदेश दें’
प्रधानमंत्री ने सेवा यात्रियों से कहा कि सेवा ही मुख्य कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा का संदेश केवल उपदेश देकर नहीं, बल्कि अपने आचरण और काम के जरिए दिया जाना चाहिए।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सत्ता या अधिकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, सेवा का मार्ग नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने ‘सेवा परमो धर्म:’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
वडनगर जन्मभूमि, काशी कर्मभूमि
प्रधानमंत्री ने वडनगर और वाराणसी के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों शहर हजारों वर्षों से जीवंत हैं और उनके लिए वडनगर जन्मभूमि तथा वाराणसी कर्मभूमि है।
उन्होंने वडनगर को हाटकेश्वर महादेव की भूमि और काशी को बाबा विश्वनाथ की नगरी बताते हुए कहा कि दोनों शहरों को जोड़ने वाली यह सेवा यात्रा उनके लिए विशेष महत्व रखती है।
सेवा के जरिए समाज से जुड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सेवा की भावना के साथ काम किया जाता है तो जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाने का प्रयास मजबूत होता है। उन्होंने मुफ्त अनाज और आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए सेवा भावना को जनकल्याण से जोड़ा।
उन्होंने सेवा यात्रियों से रास्ते में मिलने वाले लोगों और विभिन्न समुदायों के अनुभवों को समझने पर भी जोर दिया।
युवाशक्ति की भूमिका पर PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण का काम व्यापक है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मोदी के मुताबिक आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने के साथ उस भारत की बड़ी लाभार्थी पीढ़ी भी होगी।
युवाओं को देश को करीब से समझने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को समझने के लिए केवल किताबों या आंकड़ों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलना, उनकी समस्याओं और आकांक्षाओं को समझना और देश की विविधता को करीब से देखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा युवाओं को इस तरह का अनुभव देने में भूमिका निभा सकती है।
7 अक्टूबर तक चलेगी यात्रा
‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर को हुई थी और इसके तहत महीनेभर विभिन्न सेवा एवं जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। वडनगर-वाराणसी बाइक यात्राएं भी इसी अभियान का हिस्सा हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागी कई राज्यों, जिलों और गांवों से गुजरते हुए स्थानीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
सेवा संकल्प यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का संदेश मुख्य रूप से सेवा, युवाओं की भागीदारी और विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रहा। वडनगर से वाराणसी तक चल रही यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं और स्थानीय समुदायों को जोड़ने के लिए आयोजित की गई है।
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