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विषय: Asom Mala 2.0
लेखक: Smita Mugdha
तारीख: गुरुवार, 22 जनवरी 2026, 19:43 [IST]
असम को नया रोडमैप: दावोस से लौटे मुख्यमंत्री और ‘Asom Mala 2.0’ का महासंकल्प
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा हाल ही में वैश्विक मंच दावोस से प्रदेश के लिए बड़ा निवेश लेकर लौटे हैं। सूबे के विधानसभा चुनावों में जहां कुछ ही महीने शेष हैं, वहीं ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास’ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है। इस सियासी बिसात में सबसे चर्चित और भविष्य का खेल बदलने वाली योजना है—‘असोम माला 2.0’ (Asom Mala 2.0)।
आने वाले दिनों में असम के आर्थिक भविष्य की काया पलटने वाले इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत राज्य में करीब 1000 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड इकोनॉमिक कॉरिडोर बिछाया जाएगा। यह असम के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे में सिर्फ एक मील का पत्थर नहीं, बल्कि क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक होगा। इसके पूरा होने पर गुवाहाटी प्रदेश के ऊपरी हिस्सों और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से भी आसानी से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ सकेगा।
Asom Mala 2.0: असम के लिए क्यों है ‘समृद्धि का मार्ग’?
असोम माला 2.0 का मूल उद्देश्य असम के सुदूर औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि केंद्रों और जनजातीय इलाकों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ना है। सरकार इस कॉरिडोर को राज्य के लिए "समृद्धि का मार्ग" प्रोजेक्ट कर रही है। इसके दूरगामी फायदे हैं:
- लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी: इससे माल ढुलाई सस्ती और सुगम होगी।
- नए व्यापारिक द्वार: पड़ोसी राज्यों और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
- केंद्र की प्राथमिकता: यह पहल पीएम मोदी की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" और उस विजन को मजबूती देगी, जिसमें असम अब दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनेगा।
आधुनिक और वित्तीय ढांचा
यह परियोजना सिर्फ सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है। इस विशाल कॉरिडोर को नाबार्ड (NABARD) की वित्तीय सहायता प्राप्त है, जिसका प्रारंभिक बजट लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।
निर्माण कार्य अत्याधुनिक मानकों पर होगा, ताकि आम यात्रियों को आरामदायक सफर मिले और भारी वाहनों का भार सहन किया जा सके। एक खास बात यह है कि इन सड़कों को क्लाइमेट रेजिलिएंट (Climate Resilient) डिजाइन पर तैयार किया जा रहा है, ताकि असम के कठोर मानसून और बाढ़ के दौरान भी आर्थिक गतिविधियां थमें नहीं।
चुनावी सेमीकंडक्टर हब और गुवाहाटी कनेक्टिविटी
Assam Chunav 2026 के परिदृश्य में यह प्रोजेक्ट हॉट फैक्टर साबित हो सकता है। इस कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह गुवाहाटी, जगीरोड (जहां एक बड़ा सेमीकंडक्टर हब विकसित हो रहा है) और ऊपरी असम के चाय बागानों को एक-दूसरे से जोड़ेगा।
इसका एक बड़ा लिंक जोगीघोपा में बन रहे भारत के पहले इंटरनेशनल मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क को भी मिलेगा, जिससे असम की लॉजिस्टिक क्षमता कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
सियासी हल्के में बयानबाजी
इस प्रोजेक्ट को लेकर चुनावी बिसात भी बिछ चुकी है:
- भाजपा इसे अपने शासनकाल का एक बड़ा "विकास माइलस्टोन" बताकर जनता के बीच पेश कर रही है।
- वहीं, कांग्रेस इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए असम की नाजुक जलवायु, जंगलों की कटाई और संभावित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रही है।
English summary:
Asom Mala 2.0 is a mega infrastructure project in Assam focused on building a 1000 km high-speed economic corridor to boost connectivity, reduce logistics costs, and strengthen the state’s economy ahead of the assembly elections.
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