बिहार के 292 करोड़ के फ्लाईओवर का निर्माण अधर में: डिज़ाइन की राह तकती परियोजना

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बिहार के 292 करोड़ के फ्लाईओवर का निर्माण अधर में: डिज़ाइन की राह तकती परियोजना
सांकेतिक तस्वीर

पटना का मीठापुर फ्लाईओवर: यातायात की राह में रफ्तार, पर अभी भी बाकी कुछ काम!

पटना शहर के यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी, मीठापुर फ्लाईओवर, अपनी अंतिम मंजिलों की ओर बढ़ रहा है। यह फ्लाईओवर चिरैयाटांड़ पुल और कंकड़बाग फ्लाईओवर को जोड़कर शहर के दो महत्वपूर्ण हिस्सों को एक सूत्र में पिरोएगा। हालांकि, करबिगहिया गोलंबर से पूरब की ओर निकलने वाले फ्लैंक का डिज़ाइन अभी भी अंतिम रूप ले रहा है, जो इसके पूर्णता की राह में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पुल निर्माण निगम के अथक प्रयासों से, इस परियोजना के निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद ही गति मिलेगी।

महंगी हुई परियोजना, पर राहत की उम्मीद

शुरुआती लागत 121 करोड़ रुपये अनुमानित थी, लेकिन डिज़ाइन में बदलावों के चलते इस परियोजना की लागत बढ़कर 292 करोड़ रुपये हो गई है। यह बढ़ोतरी भले ही चिंता का विषय हो, लेकिन जून 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के साथ ही करबिगहिया स्टेशन के आसपास लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।

निर्माण कार्य जारी, भविष्य की ओर एक कदम

फिलहाल, करबिगहिया गोलंबर को मीठापुर फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए पिलर निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यह निर्माण मीठापुर गोलंबर से आर्यभट्ट विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के लिए है। निगम के अनुसार, मीठापुर से करबिगहिया गोलंबर पर चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग फ्लैक बनाए जाएंगे। एक फ्लैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो मीठापुर से करबिगहिया-आर्यभट्ट विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले मार्ग के लिए है। वहीं, आर्यभट्ट विवि-करबिगहिया होकर मीठापुर की ओर उतरने वाले दूसरे फ्लैक का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

एक साल में पूरा करने की योजना, लंबी दूरी का सफर

लगभग 1730 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का बाकी बचा 350 मीटर का निर्माण कार्य, जो पूरब की ओर है, एक साल के भीतर पूरा करने की योजना है। 30 जून 2026 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, मीठापुर पुराने बस स्टैंड की ओर वाले हिस्से को भी सुधारा जाएगा, ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।

फ्लाईओवर के फायदे: एक नई सुबह की ओर

इस फ्लाईओवर के पूरा होने से पटना को कई सौगातें मिलेंगी:

  • जाम से मुक्ति: करबिगहिया स्टेशन और मीठापुर के शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • बेहतर यातायात: कंकड़बाग-राजेंद्रनगर की तरफ से सचिवालय की ओर आने-जाने वाले यातायात में सुधार होगा।
  • सीधी कनेक्टिविटी: एनएच-31 बाइपास से लोगों को सीधे जुड़ने का मार्ग मिलेगा।
  • दक्षिणी पटना तक आसान पहुंच: निर्माणाधीन महुली-मीठापुर फ्लाईओवर से जुड़ने के बाद पटना के दक्षिणी इलाकों तक पहुंच और भी आसान हो जाएगी।
  • पुनपुन से कंकड़बाग तक सुगम मार्ग: पुनपुन की तरफ से कंकड़बाग-राजेंद्रनगर की ओर यातायात का प्रवाह बढ़ेगा।

यह फ्लाईओवर सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पटना के भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर के यातायात परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।


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