बिहार चुनाव: निष्पक्षता की डोर, आयोग की पैनी नज़र!
बिहार में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं, और इस बार माहौल को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और हिंसा मुक्त बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। चुनावों में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को सिरे से ख़त्म करने के इरादे से, आयोग ने कानून-व्यवस्था और खर्च पर कड़ी निगरानी रखने के लिए अनुभवी पर्यवेक्षकों की तैनाती का एलान किया है। गुरुवार को, चुनाव आयोग ने बिहार के साथ-साथ सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिवों, डीजीपी, केंद्रीय गृह मंत्रालय, रेलवे और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस हाई-लेवल मीटिंग में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के नुमाइंदों ने भी शिरकत की, जहाँ अंतरराज्यीय सीमाओं पर चुनाव के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर गहन चर्चा हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त की पैनी नज़र, सीमावर्ती राज्यों को कड़े निर्देश!
मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में बिहार और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया। इसमें बिहार से सटे राज्यों से होने वाली लोगों की आवाजाही, अवैध हथियारों और पैसों की तस्करी, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखने, और शराब, नशीले पदार्थों तथा मुफ्त उपहारों के वितरण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इतना ही नहीं, नेपाल सीमा पर भी अत्यधिक सावधानी बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। मतदान के दिन, अन्य राज्यों से लगे बिहार के जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त और विशेष कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
चुनावों की पवित्रता सर्वोपरि: आयोग का कड़ा रुख!
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएँ। उन्होंने सभी हितधारकों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता अक्षुण्ण बनी रहे। साथ ही, मतदान के दिन मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिवों, डीजीपी और केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों को बिहार में होने वाले चुनावों को निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों, डीजीपी और सहस्त्र सीमा बल के प्रमुखों को सीमावर्ती इलाकों में उच्च स्तरीय सुरक्षा और निगरानी बनाए रखने को कहा गया। बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आयकर विभाग, सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स, डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और अन्य महत्वपूर्ण एजेंसियों के अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो इस बात का प्रमाण है कि चुनाव आयोग इस बार चुनावों को हर हाल में निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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