बिहार में ‘डबल दिवाली’ का नज़ारा, पीएम मोदी ने घर-घर जाकर एनडीए की योजनाओं को पहुंचाने का किया आह्वान
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार की धरती से एक बार फिर ‘एकजुट एनडीए, एकजुट बिहार – फिर बनेगी सुशासन की सरकार’ का नारा बुलंद किया। बिहार भाजपा कार्यकर्ताओं से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि सुशासन की निरंतरता का चुनाव है।
उत्सवों के इस माहौल में, प्रधानमंत्री ने बिहार में लोकतंत्र के महा-उत्सव की शुरुआत को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और समर्पण की सराहना करते हुए कहा, “आप सभी के परिश्रम को भाजपा का हर कार्यकर्ता बहुत ही गौरव के साथ देखता है। आप सभी को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।”
‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ – भाजपा की रीढ़
‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान को भाजपा की जमीनी हकीकत बताते हुए मोदी ने कहा, “यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, ये जमीनी स्तर पर भाजपा की सफलता की सबसे मजबूत कड़ी है। जैसे पुरानी कहावत है- बूंद-बूंद से घड़ा भरता है। वैसे ही जब हर बूथ सबसे मजबूत होता है, तभी पार्टी को सफलता मिलती है।” उन्होंने बिहार भाजपा के हर कार्यकर्ता के ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ के संकल्प को सराहा।
बिहार में ‘डबल दिवाली’ का वादा
प्रधानमंत्री ने बिहार में ‘डबल दिवाली’ का जिक्र करते हुए कहा, “इस बार बिहार में डबल दिवाली आने वाली है। एक तो नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी के कारण लोगों ने दिवाली मनाई। अब 20 अक्टूबर को दिवाली है, वो हम मनाने जा रहे हैं। लेकिन इस बार का बिहार का मिजाज, 14 नवंबर को एनडीए की विजय वाली दिवाली भी मनानी है।” उन्होंने बिहार की महिलाओं की निर्णायक भूमिका को स्वीकार करते हुए कहा, “इसमें हर बार की तरह बिहार की बहन-बेटियों की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी।”
महिला सशक्तिकरण पर जोर, योजनाओं का जिक्र
मोदी ने बिहार की एनडीए सरकार द्वारा शुरू की गई महिला रोजगार योजना की सराहना की। उन्होंने बताया, “बिहार के एक करोड़ 20 लाख बहनों के खाते में हरेक बहन को 10 हजार रुपए भेजे जा चुके हैं।” उन्होंने इस योजना से महिलाओं की खुशहाली का जिक्र किया।
बदला बिहार, नौजवानों के लिए बेहतर भविष्य
प्रधानमंत्री ने बिहार में आए सकारात्मक बदलाव पर प्रकाश डाला, जिसका सीधा फायदा नौजवानों को मिल रहा है। उन्होंने उन दिनों को याद किया जब बिहार नक्सलवाद से प्रभावित था, रेल की पटरियां उड़ा दी जाती थीं, और लोग शाम के बाद घरों से निकलने में डरते थे। उन्होंने कहा, “आज जो 18-25 साल के नौजवान हैं, इन्होंने वो दौर नहीं देखा है, जिसने बिहार को तबाह कर दिया।”
विकास का पैमाना: 10 साल बनाम 10 साल
मोदी ने पिछली कांग्रेस-आरजेडी सरकार के 10 साल (2004-2014) और अपने कार्यकाल के 10 साल (2014-2024) के दौरान बिहार को मिले केंद्रीय धन की तुलना की। उन्होंने कहा, “2004 से 2014… केंद्र में कांग्रेस और आरजेडी की सरकार थी। तब बिहार को 10 साल में सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपए मिले थे। लेकिन जब आपने मुझे मौका दिया, तो हमने 2014 से 2024… इन 10 साल में 9 लाख करोड़ रुपए बिहार के लिए दिए हैं।”
बूथ जीतना ही चुनाव जीतना
प्रधानमंत्री ने बूथ कार्यकर्ताओं के महत्व को समझाते हुए कहा, “मेरा भी आप लोगों की तरह एक कार्यकर्ता के नाते सौभाग्य रहा है कि मुझे लंबे समय तक बूथ के कार्यकर्ताओं के बीच रहकर, काम करके बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला। इसलिए आप सब का महत्व कितना है, पूरे चुनाव में विजयी दिलाने का सामर्थ्य आपलोगों में कितना है, मैं भलीभांति जानता हूं। हमें चुनाव जीतना यानी, बूथ जीतना है, इसलिए हमारी सारी कोशिश बूथ जीतने पर होनी चाहिए।”
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