बिहार में सरकार गठन की सरगर्मी तेज: नीतीश कुमार फिर सीएम की राह पर, बीजेपी ने भी चुने अपने नेता
बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जहां जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना नेता चुना है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपने विधायक दल का नेता चुन लिया है। भाजपा ने एक बार फिर सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर भरोसा जताया है, जो बिहार के उपमुख्यमंत्रियों के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
बीजेपी ने साधा जातीय समीकरण
भाजपा के विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावडे और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सम्राट चौधरी, जो पिछड़े वर्ग से आते हैं, और विजय सिन्हा, जो सवर्ण समाज से हैं, को उपमुख्यमंत्रियों के तौर पर चुना गया है। भाजपा ने इस कदम से जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।
नीतीश कुमार लेंगे 10वीं बार सीएम पद की शपथ
इससे पहले, जद(यू) विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को निर्विरोध नेता चुना गया। बुधवार को पटना में हुई इस बैठक में यह फैसला लिया गया। यह फैसला हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के बाद आया है। जद(यू) नेता के अनुसार, नीतीश कुमार बुधवार शाम को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करेंगे।
20 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह
एक रिपोर्ट के अनुसार, जद(यू) के निवर्तमान कैबिनेट मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार बुधवार, 19 नवंबर को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेंगे। नई बिहार सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों सहित एनडीए के कई शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नीतीश कुमार ने मंगलवार को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण पर पहुंचे। नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री, और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और गांधी मैदान के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। 20 नवंबर तक आम जनता का गांधी मैदान में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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