दिल्ली की हवा में आई थोड़ी राहत, पर ‘बेहद खराब’ की गिरफ्त में अभी भी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार देखा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 316 दर्ज किया गया, जो रविवार के 366 के आंकड़े से काफी कम है। हालांकि, यह सुधार अभी भी वायु गुणवत्ता को ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रखता है।
शहर के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता की तस्वीर मिली-जुली है। लोधी रोड पर एक्यूआई 312 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, आईटीओ और आसपास के इलाकों में एक्यूआई 160 रहा, जिसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा गया है।
अक्षरधाम में वायु गुणवत्ता 347 पर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जबकि एम्स और सफदरजंग अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में एक्यूआई 215 है, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। कर्तव्य पथ क्षेत्र में भी एक्यूआई 307 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी का ही हिस्सा है।
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के तहत, शहर भर में ट्रकों पर पानी के छिड़काव यंत्र लगाए गए हैं ताकि हवा में उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके।
प्रदूषण का कहर जारी, विदेशी भी चिंतित
प्रदूषण की स्थिति पर भारत भ्रमण पर आए एक विदेशी नागरिक शेन ने चिंता व्यक्त की। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हालात बहुत खराब हैं। मैं आगरा से बस से दिल्ली आया था, और जैसे-जैसे मैं शहर के करीब पहुंचता गया, धुंध उतनी ही घनी होती गई। आप साफ अंतर देख सकते थे। दिल्ली के करीब आते ही स्थिति और बिगड़ गई, यहां तक कि मुझे मुश्किल से सूरज दिखाई दे रहा था।”
दिल्ली के निवासियों को भी प्रदूषण का सीधा असर झेलना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सैफ ने सांस लेने में तकलीफ और आँखों में जलन की शिकायत की, जो बढ़ते वायु प्रदूषण के प्रत्यक्ष परिणाम हैं।
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