दिल्ली हाई कोर्ट में अब शनिवार भी गूंजेगी अदालती कार्रवाई की गूंज, फुल बेंच ने लिया ऐतिहासिक फैसला!
दिल्ली हाई कोर्ट में अब तक शनिवार को अदालती कामकाज से छुट्टी रहती थी, लेकिन अब यह तस्वीर बदलने वाली है। रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज के कार्यालय से जारी एक महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन के अनुसार, फुल बेंच ने 22 सितंबर, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब से, हाई कोर्ट की प्रत्येक बेंच महीने में एक शनिवार को काम-काज के लिए खोलेगी। इससे पहले, जरूरत पड़ने पर ही कुछ जज विशेष बेंच आयोजित करते थे, लेकिन यह नया आदेश सभी बेंचों पर लागू होगा, जिससे अदालती कार्यवाही का दायरा बढ़ेगा।
यह बदलाव महज कुछ दिनों पहले ही हाई कोर्ट रजिस्ट्री के कामकाज के समय में हुए बदलाव के बाद आया है। अब हाई कोर्ट रजिस्ट्री सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अपनी सेवाएं प्रदान करेगी।
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मध्यस्थता अभियान की बड़ी सफलता: 28,000 से अधिक मामले भेजे गए, 4,316 का निपटारा
दिल्ली उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय राजधानी की जिला अदालतों में चलाए गए तीन महीने के मध्यस्थता अभियान ने आशातीत सफलता हासिल की है। इस दौरान 28,000 से अधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा गया, जिनमें से 4,316 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। वहीं, 13,938 मामले अभी भी मध्यस्थता के जरिए सुलझाए जाने की प्रक्रिया में हैं।
यह आंकड़े बताते हैं कि मध्यस्थता अभियान एक बहुत बड़ी सफलता साबित हुआ। यह अभियान 1 जुलाई, 2025 से 30 सितंबर, 2025 तक चलाया गया था। यह पहल भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत के मार्गदर्शन में, मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के सहयोग से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) द्वारा परिकल्पित एक राष्ट्रव्यापी पहल का अभिन्न अंग थी।
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