मतदाता सूची का महा-अभियान: 12 राज्यों में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ का दूसरा चरण, 51 करोड़ से अधिक मतदाता होंगे शामिल!
नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी जारी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह महा-अभियान उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा जहाँ मतदाता सूची को और अधिक त्रुटिहीन बनाने की आवश्यकता है।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह विशेष पुनरीक्षण अभियान चलेगा, उनमें शामिल हैं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। यह उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, असम, जहाँ भी 2026 में चुनाव होंगे, वहाँ के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, जैसा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया।
SIR: सुनिश्चित करेगा एक भी पात्र मतदाता न छूटे, और न ही कोई अपात्र सूची में हो शामिल!
चुनाव आयोग ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए और साथ ही, किसी भी अपात्र व्यक्ति को सूची में शामिल होने से रोका जाए। यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहाँ विदेशी अवैध प्रवासियों की उपस्थिति की जाँच की जा रही है, जिससे उन्हें मतदाता सूची से बाहर रखा जा सके। बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से संबंधित अवैध प्रवासियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में चल रही कार्रवाइयों के मद्देनजर यह कदम विशेष रूप से प्रासंगिक हो जाता है।
51 करोड़ मतदाताओं पर होगा फोकस, 4 नवंबर से शुरू होगी गणना
SIR के दूसरे चरण में लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत गणना का कार्य 4 नवंबर से शुरू होगा, जिसके बाद 9 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को सभी के अवलोकन के लिए उपलब्ध होगी।
बिहार में सफल पुनरीक्षण के बाद अब देशव्यापी अभियान
चुनाव आयोग ने बताया कि SIR का पहला चरण बिहार में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, जहाँ किसी भी अपील को दर्ज नहीं किया गया था। बिहार में मतदाता सूची की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है और लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी। बिहार में आगामी मतदान दो चरणों में, 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा, और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
SIR के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:
यह सूची यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि पात्र नागरिक आसानी से अपनी पहचान सत्यापित कर सकें और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें या उसे दुरुस्त करवा सकें।
- किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
- 01.07.1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी हो)।
- राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
- सरकार द्वारा कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
- आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 2312025-ईआरएस/खंड II दिनांक 09.09.2025 द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
चुनाव आयोग SIR को प्रभावी ढंग से लागू करने की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए पहले ही राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें कर चुका है। कई सीईओ ने अपनी पिछली SIR प्रक्रियाओं के बाद अपडेट की गई मतदाता सूचियों को अपनी वेबसाइटों पर अपलोड भी कर दिया है, जो इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाता है।
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