जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने योजनाओं और परियोजनाओं में देरी के कारण बढ़ती लागत को लेकर राज्य की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आज एक खबर पोस्ट की
संपूर्णशास्त्र के माध्यम से हमने राज्य सरकार को यह जगाने की कोशिश की कि कैसे योजनाओं और परियोजनाओं में देरी का न केवल सरकार पर बल्कि आम आदमी की जेब और उसे मिलने वाले लाभ पर भी भारी असर पड़ता है।
इस संबंध में गहलोत ने आगे कहा कि यह खबर बताती है कि सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में वेटिंग साइंस चल रही है. केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही 1981 की ज्यादातर परियोजनाएं वेटिंग पीरियड का शिकार हैं, जिससे उनकी लागत 5.65 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है.
राज्य में 81 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 53 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं.
गहलोत ने कहा कि राज्य में 81 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 53 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं और 10 का बजट बढ़ा है. राजस्थान रिफाइनरी, जिसे 2022 में पूरा होना था, अब 2026 तक बढ़ा दी गई है और इसकी लागत 84.23% बढ़कर ₹79,459 करोड़ हो गई है। यदि ये परियोजनाएँ समय पर शुरू होतीं या समय पर पूरी होतीं तो 5.65 लाख करोड़ रुपये देश और प्रदेश की जनता के कल्याण के काम आते। पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री जिस डबल इंजन की बात करते हैं वह जनता पर डबल महंगाई की मार, डबल भ्रष्टाचार और डबल विकास कार्यों का इंतजार कराता है.
पीसी:राजस्थान.एनडीटीवी
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