उत्तर प्रदेश में जीएसटी 2.0: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापारियों संग की अहम चर्चा, त्योहारी सीजन में मिलेगी राहत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राजधानी लखनऊ में स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के साथ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। जीएसटी के इस नए चरण को "जीएसटी 2.0" का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दिवाली और आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनज़र इन सुधारों को एक स्वागत योग्य कदम बताया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएसटी 2.0 के तहत लाए गए प्रमुख लाभों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आम जनता के दैनिक उपयोग की अनेक वस्तुओं पर जीएसटी की दरों को या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, या घटाकर केवल पांच प्रतिशत कर दिया गया है। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, 33 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी के दायरे से पूर्णतः बाहर रखा गया है, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव समाज के हर वर्ग पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री का मानना है कि इन सुधारों से देश की आर्थिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही, मौजूदा आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में सहायता मिलेगी और महंगाई को भी न्यूनतम स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तर प्रदेश को इन जीएसटी सुधारों से विशेष लाभ होगा, क्योंकि प्रदेश की विशाल जनसंख्या को देखते हुए यह देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 में लागू हुए ‘वन नेशन वन टैक्स’ के सिद्धांत पर आधारित जीएसटी को एक अभूतपूर्व क्रांति बताया। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से देश का कुल कर संग्रह 7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में भी कर संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन नवीनतम सुधारों से प्रदेश और देश दोनों की आर्थिक क्षमता में और अधिक वृद्धि होगी।
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